नेहा बोरा ने बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा मिलने की बात कही, CJP-AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्ता परिवर्तन तक की चर्चा

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CENTRAL NEWS DESK: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा मिलने के बयान को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा मिलने की बात कही थी और भारत में भी वैसा ही आंदोलन चाहती हैं। इसी मुद्दे पर गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में CJP और AISA के नेताओं ने अपनी बात रखी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज शामिल हुए। चर्चा के केंद्र में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई रही।

बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा वाले बयान पर भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि दोनों भारत में बांग्लादेश जैसे विरोध प्रदर्शन चाहते हैं। उन्होंने नेहा बोरा के एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि आंदोलन को बांग्लादेश में हुए प्रदर्शनों से प्रेरित बताया गया था।

इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस के बीच यह अंतर समझना जरूरी है कि भाजपा ने वीडियो के आधार पर जो आरोप लगाए हैं, वे पार्टी का पक्ष हैं। उपलब्ध जानकारी में वीडियो का पूरा संदर्भ और नेहा बोरा के बयान की संपूर्ण शब्दशः पुष्टि शामिल नहीं है।

नेहा बोरा बोलीं- हिरासत और मारपीट से आंदोलन नहीं रुकेगा

दिल्ली के प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने और मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति का नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है।

नेहा बोरा के मुताबिक, यह लड़ाई आम और गरीब परिवारों में जिंदा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर, मुंबई के शिवाजी पार्क और फ्रीडम पार्क जैसे स्थानों का जिक्र करते हुए कहा कि आंदोलन की आवाज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रही है।

प्रशांत भूषण ने कहा- विरोध करना अपराध नहीं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सरकार बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई सिविल सोसायटी और युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी। भूषण ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए और 23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान शुरू करने की बात कही।

प्रकाश राज ने देशभर में आंदोलन फैलाने की बात कही

अभिनेता प्रकाश राज ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब वे देश के हर जिले और गांव तक आंदोलन ले जाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर भी आरोप लगाए।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और तिरंगा फहराने को लेकर भी आपत्ति जताई। ये आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं की ओर से लगाए गए हैं।

कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन पर भी विवाद

CJP ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ निकालने का ऐलान किया है। संगठन SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहा है।

कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अदालत ने प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार किया। दिल्ली पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, नई दिल्ली नगर परिषद ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने का नोटिस जारी किया है।

SIR और आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

CJP और उसके सहयोगी संगठनों का विरोध SIR प्रक्रिया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। दूसरी ओर, भाजपा ने आंदोलन को बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों से जोड़कर सवाल उठाए हैं। ऐसे में नेहा बोरा के कथित बयान और उसके संदर्भ को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

आने वाले दिनों में प्रस्तावित तिरंगा मार्च और 23 अक्टूबर से शुरू होने वाले ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान पर नजर रहेगी। इस विवाद में आंदोलनकारियों के आरोपों, भाजपा के दावों और संबंधित आधिकारिक पक्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

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