चुनाव आयोग से मिलना है तो क्या करना होगा? EC ने बताया पूरा प्रोसीजर, राहुल गांधी के मार्च के बीच साफ किए नियम
CENTRAL NEWS DESK: राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं के चुनाव आयोग तक मार्च और मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से बैठक को लेकर अपना पूरा प्रोसीजर स्पष्ट कर दिया है। आयोग ने कहा कि किसी राजनीतिक दल या संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए पहले अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए अपॉइंटमेंट मांगना होता है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, बैठक की तारीख और समय दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय किया जाता है। आयोग ने यह भी कहा कि राजनीतिक दल कभी भी उससे मुलाकात का अनुरोध कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने क्यों जारी किया स्पष्टीकरण?
दरअसल, मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने के लिए मार्च निकाला। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहते थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में भी लिया गया। इसी घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग ने बताया कि उसके यहां राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के लिए एक तय प्रक्रिया पहले से मौजूद है।
आयोग से मिलने के लिए सबसे पहले क्या करना होगा?
चुनाव आयोग ने बताया कि अगर कोई राजनीतिक दल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है तो उसे अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से अपॉइंटमेंट का अनुरोध करना होता है। इसके बाद आयोग और संबंधित राजनीतिक दल के बीच आपसी सहमति से बैठक की तारीख और समय तय किया जाता है।
यानी किसी बड़े प्रतिनिधिमंडल के सीधे आयोग के कार्यालय पहुंचने के बजाय पहले औपचारिक तौर पर बैठक का समय लेना जरूरी है।
‘मंगलवार शाम 4 बजे तक नहीं मिला था औपचारिक अनुरोध’
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए बैठक के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं किया था। आयोग के मुताबिक, उसे मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं।
इसके बाद करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने आयोग को जानकारी दी कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलना चाहता है और उसे एक ज्ञापन सौंपना है।
240 सांसदों के संसद भवन एनेक्सी पहुंचने की बात
चुनाव आयोग ने बताया कि शाम 4 बजे के बाद जब वह बैठक के अनुरोध पर विचार कर रहा था, तब दिल्ली पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि करीब 240 सांसदों का समूह संसद भवन एनेक्सी में आयोग से मिलना चाहता है। आयोग ने इस मांग को असामान्य बताया। उसका कहना था कि चुनाव आयोग का प्रोटोकॉल राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोग के अपने परिसर में आयोजित करने का है।
इसी वजह से संसद भवन एनेक्सी में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया।
ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी भेजने का दिया प्रस्ताव
चुनाव आयोग ने कहा कि उसने सांसदों की मांग को देखते हुए एक रास्ता निकालने की कोशिश भी की थी। आयोग ने संसद भवन एनेक्सी में सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, आयोग के मुताबिक सांसदों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मुलाकात को लेकर गतिरोध बना रहा।
राजनीतिक दल कभी भी मांग सकते हैं मुलाकात
चुनाव आयोग ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के लिए आयोग से मिलने पर कोई रोक नहीं है। आयोग के मुताबिक राजनीतिक पार्टियां किसी भी समय बैठक का अनुरोध कर सकती हैं। इसके बाद उपलब्धता के आधार पर दोनों पक्षों की सहमति से बैठक की तारीख और समय तय किया जाता है।
आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है। साथ ही आयोग के अपने प
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
