छात्रों की नींद में ढह गया आशियाना, मलबे में जिंदगी की तलाश, सत्य निकेतन हादसे में 5 मौतें
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में एक छात्र और एक मजदूर शामिल हैं, जबकि तीन मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। हादसे के बाद करीब 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
बताया जा रहा है कि करीब 40-50 साल पुरानी इस इमारत में हॉस्टल चलता था और यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। हादसे के वक्त कई छात्र अपने कमरों में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में पानी जमा था और वहां पिछले कुछ दिनों से खुदाई का काम भी चल रहा था।

मलबे से आई आवाज: “मुझे बचा लो”
हादसे के बाद मलबे में फंसे एक युवक ने अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया और मदद की अपील की। घटनास्थल पर मौजूद उसके एक दोस्त ने बताया कि युवक लगातार फोन कर रहा था और बार-बार कह रहा था, “मुझे बचा लो।” इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश तेज कर दी।
पतली गली होने के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी बचावकर्मियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने हथौड़ों और हाथों से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
बेसमेंट में पानी और खुदाई से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में पानी जमा था। यहां पिछले तीन दिनों से काम भी चल रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स में हादसे की संभावित वजहों में बेसमेंट के लिए खुदाई, कमजोर पिलर, निर्माण के दौरान ढांचे में बदलाव और पहले से कमजोर इमारत को बताया जा रहा है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
इमारत में थे 20-25 कमरे, करीब 50 लोगों के रहने का दावा
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, इमारत में करीब 20 से 25 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में लगभग दो लोग रहते थे। इस हिसाब से यहां करीब 50 लोगों के रहने की बात सामने आई है। हालांकि, इमारत में हादसे के समय कितने लोग मौजूद थे, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर
पुलिस के अनुसार, इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में रहते हैं छात्र
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थान हैं। इसी वजह से इलाके में दिनभर छात्रों की आवाजाही बनी रहती है।
तीन साल में दिल्ली में गिरीं 1133 इमारतें
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में 98 लोगों की मौत हुई।
हादसे के बाद एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन
सत्य निकेतन हादसे के विरोध में एबीवीपी के करीब 150-200 छात्र सिविक सेंटर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने मुख्य भवन में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने करीब 15 छात्रों को हिरासत में लिया।
वहीं, दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2015 से 17 मार्च 2025 के बीच एमसीडी के 12 जोन में 76,465 अवैध निर्माण के मामले दर्ज हुए थे। इनमें से 35,842 मामलों में कार्रवाई शुरू की गई थी।
पीएम मोदी, सीएम और एलजी ने जताया दुख
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू भी घटनास्थल पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया।
हादसे के बाद एनडीआरएफ, दमकल विभाग, पुलिस और अन्य बचाव दल लगातार मलबे की तलाशी में जुटे रहे। डॉग स्क्वॉड और ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से मलबे में फंसे लोगों को खोजने का अभियान चलाया गया।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
