जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा, पाकिस्तान ने जताई आपत्ति: अमेरिकी राजदूत

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CENTRAL NEWS DESK; भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा है। इस दौरान गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है और यहां आना उनके लिए पहला अनुभव है। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की भी तारीफ की।

सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। दोनों के बीच जम्मू-कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों और अमेरिका की भूमिका पर चर्चा हुई। उमर अब्दुल्ला ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि बातचीत में खास तौर पर इस बात पर चर्चा हुई कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के मामले में क्या भूमिका निभा सकता है।

गोर ने कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था की भी तारीफ की। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी होने वाली ट्रैवल एडवाइजरी में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा।

डल झील में शिकारे की सवारी

दौरे के दौरान अमेरिकी राजदूत ने डल झील में शिकारे की सवारी भी की। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उन्हें कश्मीर की खूबसूरत सीनरी भेंट की। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह किसी अमेरिकी राजदूत का पहला जम्मू-कश्मीर दौरा है। इससे पहले 9 जनवरी 2020 को तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर 15 देशों के सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ कश्मीर पहुंचे थे।

सर्जियो गोर के बयान पर पाकिस्तान नाराज

अमेरिकी राजदूत के जम्मू-कश्मीर दौरे और उनके बयान पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने गोर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत सुलझाया जाना चाहिए। पाकिस्तान ने अमेरिका से अपने सार्वजनिक बयानों में उसकी इस स्थिति को ध्यान में रखने की अपील भी की।

उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिकी राजदूत के साथ उनकी बैठक अच्छी रही। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े कुछ पुराने मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिन्हें समय के साथ सुलझाने की कोशिश की जाएगी।

ट्रैवल एडवाइजरी क्यों महत्वपूर्ण है?

ट्रैवल एडवाइजरी किसी देश की सरकार की ओर से अपने नागरिकों को दूसरे देश या किसी खास क्षेत्र की यात्रा से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के बारे में दी जाने वाली आधिकारिक सलाह होती है। इसमें आतंकवाद, हिंसा, अशांति, प्राकृतिक आपदा या अन्य संभावित खतरों की जानकारी दी जा सकती है।

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