नितिन नवीन की टीम में राम माधव की वापसी, RSS-BJP के रिश्तों के लिए क्या हैं मायने?
CENTRAL NEWS DESK: बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा राम माधव की वापसी को लेकर हो रही है। करीब छह साल बाद राम माधव की बीजेपी के मुख्य संगठन में वापसी हुई है और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
राम माधव की राजनीतिक पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़ी रही है। बीजेपी में आने से पहले वे संघ के प्रचारक के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा वे संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
2014 के बाद बीजेपी में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद आरएसएस ने राम माधव को पार्टी संगठन में काम करने के लिए भेजा था। इसके बाद उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।
माधव ने संगठन के विस्तार में खासकर पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असम, त्रिपुरा और नागालैंड में बीजेपी को मजबूत करने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन सरकार बनाने में भी उन्हें प्रमुख रणनीतिकारों में गिना गया।
हालांकि, बाद में बीजेपी ने पीडीपी के साथ गठबंधन खत्म कर दिया। जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुड़े विवादों का असर भी राम माधव के राजनीतिक सफर पर पड़ा।
2020 में नड्डा की टीम से हुए थे बाहर
सितंबर 2020 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। उस समय राम माधव को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी नहीं मिली।
इसके बाद वे सक्रिय रूप से आरएसएस के कामकाज में लौट गए और संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुए। अब करीब छह साल बाद बीजेपी संगठन में उनकी वापसी हुई है।
बीजेपी में राम माधव की दूसरी पारी
राम माधव की वापसी को बीजेपी संगठन में उनकी दूसरी पारी के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उनकी नई जिम्मेदारी के पीछे पार्टी नेतृत्व की अहम भूमिका रही है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद वरिष्ठ नेताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि यह पद रोजमर्रा के संगठनात्मक कामकाज में राष्ट्रीय महासचिव जितना सक्रिय नहीं होता, लेकिन राम माधव के अनुभव और संघ से उनके पुराने संबंधों को देखते हुए माना जा रहा है कि उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी रहा है अनुभव
राम माधव का अनुभव सिर्फ पार्टी संगठन तक सीमित नहीं रहा है। वे अंतरराष्ट्रीय मामलों और कूटनीति से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय रहे हैं। वे इंडिया फाउंडेशन से जुड़े रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों तथा रणनीतिक मामलों पर आयोजित होने वाले विभिन्न सम्मेलनों में हिस्सा लेते रहे हैं। ऐसे में पार्टी में उनकी वापसी को संगठन के साथ-साथ रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।
आरएसएस पृष्ठभूमि वाले नेताओं पर भी भरोसा
नई टीम में राम माधव की वापसी के साथ आरएसएस पृष्ठभूमि वाले कई पुराने चेहरों की निरंतरता भी दिखाई दे रही है। सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। बंसल ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति पर काम किया। वहीं बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन के पद पर बने रहेंगे। संतोष को भी आरएसएस से बीजेपी संगठन में भेजा गया था और वे पार्टी के सबसे प्रभावशाली संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं।
संतोष के साथ शिव प्रकाश और सौदान सिंह भी बरकरार
बीएल संतोष के साथ आरएसएस पृष्ठभूमि वाले शिव प्रकाश और सौदान सिंह भी संगठन में संयुक्त महासचिव के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। इस तरह राम माधव की वापसी और संतोष, शिव प्रकाश, सौदान सिंह तथा सुनील बंसल की निरंतरता से बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में आरएसएस पृष्ठभूमि वाले अनुभवी नेताओं की मजबूत मौजूदगी दिखाई देती है।
आरएसएस-बीजेपी रिश्तों के लिए क्या संकेत?
राम माधव की वापसी को बीजेपी और आरएसएस के बीच संगठनात्मक तालमेल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि केवल नियुक्तियों के आधार पर दोनों संगठनों के रिश्तों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन नई टीम में संघ पृष्ठभूमि वाले अनुभवी नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियों में बनाए रखना यह संकेत जरूर देता है कि संगठन और विचारधारा से जुड़े अनुभवी चेहरों पर पार्टी नेतृत्व का भरोसा कायम है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
