मसूद अजहर से मिलने की थी तैयारी, बिहार से पासपोर्ट बनवाकर पाकिस्तान जाने वाला था जफर; जांच में कई बड़े खुलासे
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर मेरठ से गिरफ्तार
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। पूछताछ में सामने आया है कि जफर ने बिहार से पासपोर्ट बनवाया था और पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। इतना ही नहीं, उसकी जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर से मुलाकात की योजना भी थी।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने आईएसआई के सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में कार्रवाई की। इस अभियान में 200 से ज्यादा संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किए जाने और आतंकी साजिशों को नाकाम करने की जानकारी दी गई।
जफर की गिरफ्तारी से फिर नाकाम हुई बड़ी साजिश
मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सात महीनों में एटीएस और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 16 संदिग्ध आतंकियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
इनमें मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध शामिल हैं। जांच में इन मामलों के तार मेरठ से जुड़े होने की बात सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब जफर के संपर्क में रहे युवकों और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
बुलंदशहर के मदरसे से जुड़ा था कनेक्शन
जांच में मोहम्मद जफर का कनेक्शन बुलंदशहर के एक मदरसे से भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वहां जफर के कुछ परिचित रहे हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि जफर के कुछ रिश्तेदार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे थे। एजेंसी इन लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। बताया जाता है कि वर्ष 2017 में मदरसे में रहने वाले एक परिचित ने जफर को पढ़ाई के लिए मेरठ बुलाया था।
मस्जिद से पकड़ा, पूछताछ के बाद छोड़ा था
जफर को एटीएस की टीम ने हापुड़ के शेरपुर स्थित एक मस्जिद से पकड़ा था। उस समय पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन उसके सभी दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए।
दस्तावेज उर्दू में होने के कारण उन्हें पढ़वाया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों को जफर की गतिविधियों को लेकर अहम सुराग मिले। आरोप है कि वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए चंदा जुटाकर संगठन तक पहुंचाता था। इसके बाद एटीएस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया।
बिहार से बनवाया पासपोर्ट, पाकिस्तान जाने की तैयारी
पूछताछ में सामने आया कि जफर ने बिहार से पासपोर्ट बनवाया था। वह पाकिस्तान जाने की तैयारी में था और कथित तौर पर मसूद अजहर से मुलाकात की योजना बना चुका था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, जफर की गतिविधियां केवल चंदा जुटाने तक सीमित नहीं थीं। उसके संपर्कों और गतिविधियों को देखते हुए एजेंसियों को आशंका है कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। अब एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि जफर के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कितनी गहराई तक फैला हुआ है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
