‘हथियारबंद नक्सल चले गए, अब दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा’, लाल किले से PM मोदी का बड़ा संदेश
CENTRAL NEWS DESK: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से करीब 75 मिनट तक देश को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने नक्सलवाद, महिला आरक्षण, युवाओं, आत्मनिर्भर भारत, मैन्यूफैक्चरिंग, एआई, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और विकसित भारत 2047 समेत कई अहम मुद्दों पर बात की।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। देश को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और उन्हें हासिल करने के लिए काम की रफ्तार भी बढ़ानी होगी।
‘हथियारबंद नक्सल गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौजूद’
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और आज कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सल चले गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सल अभी भी मौके की तलाश में हैं। ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने और युवाओं को भटकाने की कोशिश करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानना होगा और युवाओं को उनसे बचाते हुए देश निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाना होगा।

महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से पीएम मोदी की अपील
महिला आरक्षण के मुद्दे पर पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीतियां बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में सभी आगे आएं। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय लेने की राजनीति करने के बजाय महिलाओं को उनका अधिकार देने पर ध्यान देना चाहिए।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और देश ने इसकी दिशा तय कर ली है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा। देश के वर्क कल्चर, सोच और काम करने की गति में भी बदलाव करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले पांच से सात दशकों में नहीं हो सके, उन्हें आने वाले पांच से सात वर्षों में पूरा करने का प्रयास करना होगा।
युवाओं के लिए एआई स्किल की बड़ी योजना
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष महत्व दिया। भाषण में युवा, नौजवान और साथियो जैसे शब्दों के जरिए युवाओं का 52 बार जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने घोषणा की कि सरकार अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग देगी। इसके साथ ही गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के छात्रों के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नई तकनीक को केवल इस्तेमाल करने तक सीमित न रहें, बल्कि भारत को एआई और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाने में योगदान दें।
आत्मनिर्भर भारत को बताया समय की जरूरत
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और जल्दी मिल सकती हैं, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता तैयार नहीं होती। इसलिए भारत को अपनी उत्पादन क्षमता, तकनीक और संसाधनों को मजबूत करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में कई देश अपने हितों के लिए आर्थिक और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे समय में आत्मनिर्भरता भारत के लिए बेहद जरूरी है।
मैन्यूफैक्चरिंग में ग्लोबल पहचान बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भारत की मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर पूरे उत्पाद तक बनाने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने इंडस्ट्री से अपील की कि भारतीय उत्पादों की पहचान केवल देश में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में होनी चाहिए। इसके लिए क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ग्लोबल मार्केट में भरोसेमंद सप्लायर और मजबूत मैन्यूफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करना होगा।
सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण पर जोर
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को भारत की भविष्य की ताकत बताते हुए कहा कि आज मोबाइल फोन से लेकर कार, मेडिकल उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर क्षेत्र में चिप की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े तीन प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से एक्सपोर्ट भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा, क्योंकि भविष्य की अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है।
ऊर्जा सुरक्षा पर भी पीएम मोदी का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक दुनिया में ऊर्जा की जरूरत लगातार बढ़ रही है। भारत को अपनी एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत करनी होगी। उन्होंने 2047 तक 100 गीगावॉट का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की बात कही। साथ ही समुद्र के अंदर तेल और गैस के नए भंडार तलाशने पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ऊर्जा के मामले में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
सोलर एनर्जी और ग्रीन इकोनॉमी पर जोर
प्रधानमंत्री ने सोलर एनर्जी की बढ़ती क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में सोलर एनर्जी की क्षमता करीब दो गीगावॉट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लाखों घरों में सोलर एनर्जी लगाने का काम चल रहा है। इससे लोगों के बिजली बिल कम होने के साथ कुछ परिवारों के लिए अतिरिक्त कमाई का रास्ता भी बन रहा है।
उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भारत को ग्लोबल स्तर पर आगे ले जाने की बात कही।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ‘सप्तधारा’
प्रधानमंत्री ने देश की ताकत को सात धाराओं में आगे बढ़ाने की बात कही। इनमें टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को अहम स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि आज का दौर डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम और दूसरी नई तकनीकों का है। भारत को इनोवेशन का हब बनना होगा और अपनी डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना होगा।
किसान और फूड प्रोसेसिंग पर भी जोर
पीएम मोदी ने किसानों और फूड प्रोडक्शन प्रोसेसिंग को भी भारत की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत के मसाले, फल, फूल और दूसरे कृषि उत्पाद ग्लोबल ब्रांड बनने की क्षमता रखते हैं। इसके लिए फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और क्वालिटी पर ध्यान देना होगा, ताकि भारतीय कृषि उत्पादों की पहचान दुनिया के बाजार में मजबूत हो सके।
भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को ग्लोबल बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि योग ने दुनिया को भारत से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, भारतीय संस्कृति, फिल्म, गेमिंग, वीएफएक्स, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी ग्लोबल पहचान बना सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि इन क्षेत्रों को भारत की वैश्विक सामर्थ्य के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
रेलवे, मोबाइल और डिजिटल सेक्टर की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में हुए बदलावों का आंकड़ों के साथ जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना और इलेक्ट्रिक मैन्यूफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। उन्होंने रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना, मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन में 100 गुना बढ़ोतरी का दावा किया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में नल से जल, गैस कनेक्शन और गरीबों के लिए घर बनाने की रफ्तार भी पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है।
गरीबी से बाहर आए 25 करोड़ लोगों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताया। पीएम मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को अब रोकना मुश्किल है और देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ग्लोबलाइजेशन और आत्मनिर्भरता पर भी निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत ने आत्मनिर्भरता की बात शुरू की थी, तब कुछ लोग ग्लोबलाइजेशन का सवाल उठाते थे। लेकिन बदलती दुनिया में आत्मनिर्भरता का महत्व अब और बढ़ गया है। उन्होंने कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सामने आई वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भारत को अपनी जरूरतों के लिए मजबूत घरेलू क्षमता तैयार करनी होगी।
लाल किले से पीएम मोदी का लगातार 13वां संबोधन
15 अगस्त 2026 को पीएम मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। इससे पहले 2014 में उन्होंने पहली बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया था। लाल किले से सबसे ज्यादा स्वतंत्रता दिवस संबोधन देने का रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने 17 बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था।

वंदे मातरम से शुरू हुआ खास आयोजन
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का भी विशेष महत्व रहा। लाल किले पर तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। समारोह में युवाओं, इनोवेटर्स, स्टार्टअप से जुड़े युवाओं, ओलंपियाड पदक विजेताओं, पीएम इंटर्नशिप योजना के इंटर्न और माय भारत वॉलंटियर्स समेत करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया था। पीएम मोदी के 75 मिनट के संबोधन में युवा शक्ति, आत्मनिर्भर भारत, महिला भागीदारी, मैन्यूफैक्चरिंग, एआई, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा और विकसित भारत 2047 पर खास जोर रहा। प्रधानमंत्री ने देश को छोटे लक्ष्यों से आगे बढ़कर बड़े सपने देखने और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने का संदेश दिया।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
