CJP की फंडिंग पर विवाद, RTI कार्यकर्ता की शिकायत के बाद पीएम केयर्स फंड की जांच की भी उठी मांग
CENTRAL NEWS DESK: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की फंडिंग और संस्थापक अभिजीत दिपके के परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर विवाद गहरा गया है। सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा चुनाव आयोग, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और महाराष्ट्र सरकार से जांच की मांग किए जाने के बाद सीजेपी ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री केयर्स फंड (पीएम केयर्स) की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने आरटीआई कार्यकर्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी निजी व्यक्ति की शिक्षा और खर्च की जांच की मांग की जा रही है, तो पीएम केयर्स फंड की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतें केवल चुनिंदा लोगों को निशाना बनाने के उद्देश्य से की जा रही हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता ने कई एजेंसियों से की जांच की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने एक अगस्त को चुनाव आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार को शिकायत भेजी। उन्होंने अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके, जो महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) में कनिष्ठ अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हैं, की आय और संपत्ति की जांच कराने की मांग की है।
तिवारी का दावा है कि सरकारी नौकरी में लगभग 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाला व्यक्ति अपने बच्चों को अमेरिका में उच्च शिक्षा कैसे दिला सका। उन्होंने इस मामले में आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग की है।
सीजेपी की कानूनी स्थिति पर भी उठाए सवाल
शिकायत में आरटीआई कार्यकर्ता ने कॉकरोच जनता पार्टी की कानूनी स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सीजेपी एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रही है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या वह चुनाव आयोग में पंजीकृत है। उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी जांच करने का अनुरोध किया है कि बिना पंजीकरण के संगठन चंदा स्वीकार कर सकता है या नहीं।
एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष पर जीएसटी लगाने की मांग
अमित तिवारी ने सीबीआईसी को भेजी शिकायत में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल द्वारा सीजेपी प्रदर्शनकारियों के लिए घोषित एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने की मांग भी की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के दौरान सीजेपी के कुछ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दिवंगत माता और भारत के विदेशी संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इन आरोपों का भी उन्होंने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है।
एक करोड़ रुपये के कानूनी सहायता कोष के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब 27 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सीजेपी के आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की कानूनी सहायता के लिए एक करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की थी। इसके बाद संगठन की फंडिंग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे।
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी ने सभी शिकायतों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है। संगठन का कहना है कि उसे बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह की शिकायतें की जा रही हैं।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
