NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित: 11.21 लाख अभ्यर्थी हुए सफल, 715 अंक के साथ आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर, अब शुरू होगी मेडिकल काउंसलिंग

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CENTRAL NEWS DESK: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। इस वर्ष 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा क्वालिफाई की है और अब वे देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष तथा अन्य स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

NTA ने समय पर परिणाम जारी करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया और काउंसलिंग तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो सके। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एजेंसी ने ऑल इंडिया रैंक (AIR), राज्यवार टॉपर, श्रेणीवार टॉपर, भाषा-वार आंकड़े तथा कट-ऑफ भी सार्वजनिक कर दिए हैं।

लगभग 20 लाख विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा

इस वर्ष आयोजित NEET UG 2026 री-टेस्ट में देशभर से करीब 20 लाख उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। परीक्षा का आयोजन 21 जून को किया गया था। इसके लिए पूरे देश में 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जो 551 भारतीय शहरों और 14 विदेशी शहरों में स्थित थे।

NTA ने परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में कराया, जिनमें हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओड़िया, पंजाबी, असमिया और उर्दू शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर रहा। कुल सफल उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, जो यह दर्शाता है कि मेडिकल शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

715 अंक के साथ दो छात्रों ने किया देश में टॉप

इस वर्ष परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल कर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। दोनों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में सर्वोच्च अंक हासिल किए।

NTA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार—

  • 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए।
  • 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए।
  • 1,492 छात्रों के अंक 650 या उससे अधिक रहे।
  • 10,160 छात्रों ने 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।
  • 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक हासिल किए।

एजेंसी ने यह भी बताया कि शीर्ष 138 सफल उम्मीदवारों में 93 प्रतिशत से अधिक पहली बार NEET परीक्षा देने वाले छात्र हैं। इनमें अधिकांश अभ्यर्थियों की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच है।

उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक अभ्यर्थी हुए सफल

देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 1.7 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की। दूसरी ओर लक्षद्वीप से 43 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की।

NTA के अनुसार 17 राज्यों के टॉपर्स ने 700 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 26 राज्यों के टॉपर्स के अंक 690 से ऊपर रहे।

श्रेणीवार सफल अभ्यर्थियों की संख्या

NTA ने विभिन्न श्रेणियों के सफल उम्मीदवारों का विवरण भी जारी किया है। इसके अनुसार—

  • सामान्य वर्ग (General): 2.91 लाख
  • ओबीसी-एनसीएल (OBC-NCL): 5.12 लाख
  • अनुसूचित जाति (SC): 1.59 लाख
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 63,716
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 95,026
  • PwBD: 3,666
  • PwD: 303

साथ ही सभी श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक और क्वालिफाइंग परसेंटाइल भी घोषित कर दिए गए हैं।

फिजिक्स के दो प्रश्नों में बदलाव, सभी छात्रों को मिला बोनस

परिणाम जारी होने से पहले NTA ने अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) जारी की थी। इसमें फिजिक्स विषय के दो प्रश्नों में संशोधन किया गया।

एक प्रश्न को पूरी तरह हटा दिया गया, जबकि दूसरे प्रश्न में दो उत्तरों को सही माना गया। NTA की मूल्यांकन नीति के तहत सभी उम्मीदवारों को कुल 8 बोनस अंक प्रदान किए गए, जिससे कई छात्रों के अंकों और रैंकिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

इस तरह पूरी हुई परीक्षा प्रक्रिया

NEET UG 2026 की परीक्षा प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई—

  • 25 जून: प्रोविजनल आंसर-की जारी।
  • 13 से 15 जुलाई: OMR उत्तर-पत्र उपलब्ध कराए गए।
  • 16 जुलाई: अंतिम उत्तर कुंजी जारी।
  • 16 जुलाई: परिणाम घोषित।

अब शुरू होगी मेडिकल प्रवेश की सबसे अहम प्रक्रिया

परिणाम घोषित होने के बाद अब सफल उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसके माध्यम से देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS, BSMS तथा अन्य AYUSH पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिए जाएंगे। 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा आयोजित की जाएगी, जबकि 85 प्रतिशत राज्य कोटा की सीटों पर संबंधित राज्य सरकारों की काउंसलिंग एजेंसियां प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगी।

काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी रैंक, श्रेणी, सीट उपलब्धता और पसंद के आधार पर कॉलेजों का चयन करना होगा। निर्धारित समय पर पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन पूरा करना अनिवार्य रहेगा।

फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की सलाह

NTA ने सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के फर्जी एडमिशन ऑफर, फोन कॉल, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेशों के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का दावा करता है, तो उसकी तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

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