लद्दाख के सभी 7 जिलों में बनेंगे स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल, केंद्र का बड़ा फैसला; मिलेगा स्थानीय स्वशासन को नया अधिकार
CENTRAL NEWS DESK: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल (Autonomous Hill Development Council) का गठन किया जाएगा। अब तक यह व्यवस्था केवल लेह और कारगिल तक सीमित थी, लेकिन नए फैसले के बाद शाम, नुब्रा, चांगथांग, जांस्कर और द्रास जैसे नए जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा।
यूटी स्तर पर बनेगा विशेष परिषद ढांचा
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने इस फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि सभी सात हिल काउंसिलों के ऊपर केंद्र शासित प्रदेश स्तर की एक विशेष परिषद बनाई जाएगी। यह परिषद अनुच्छेद 371 के अनुरूप विशेष व्यवस्था के तहत काम करेगी और इसे विधायी, कार्यकारी, वित्तीय तथा प्रशासनिक अधिकार दिए जाएंगे।
सरकार के अनुसार यह मॉडल देश में अपनी तरह का पहला प्रशासनिक ढांचा होगा, जिसे विशेष रूप से लद्दाख की भौगोलिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
अप्रैल 2026 में बढ़े थे जिले
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में लद्दाख में जिलों की संख्या दो से बढ़ाकर सात कर दी गई थी। उस समय शाम, नुब्रा, चांगथांग, जांस्कर और द्रास को नए जिले घोषित किया गया था। हालांकि अब तक लोकतांत्रिक स्थानीय निकाय केवल लेह और कारगिल तक ही सीमित थे।
बीजेपी ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
बीजेपी नेता और लेह स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल के पूर्व चेयरमैन ताशी ग्यालसन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लद्दाख के लोकतांत्रिक विकास का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय स्थानीय स्वशासन को मजबूत करेगा और लोगों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाएगा।
ग्यालसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने, डोमिसाइल नियम लागू होने और नए जिलों के गठन के बाद यह लद्दाख के प्रशासनिक विकास का एक और महत्वपूर्ण कदम है।
17 नए तहसीलों के गठन का भी स्वागत
ताशी ग्यालसन ने 17 नए तहसीलों के गठन का भी स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे प्रशासन गांवों और दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुंचेगा, विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और सरकारी सेवाएं लोगों को तेजी से मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC) का मॉडल पहले से प्रभावी साबित हुआ है और लद्दाख जैसी भौगोलिक परिस्थितियों के लिए यही सबसे उपयुक्त प्रशासनिक व्यवस्था है।
स्थानीय लोकतंत्र को मिलेगा नया आधार
सरकार का मानना है कि सातों जिलों में हिल डेवलपमेंट काउंसिल बनने से स्थानीय प्रशासन अधिक जवाबदेह होगा, विकास योजनाओं में तेजी आएगी और आम लोगों की भागीदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। यह फैसला लद्दाख में विकेंद्रीकृत शासन और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
