E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद: गडकरी के ‘एक पीड़ित लाओ’ चैलेंज को प्रदर्शनकारियों ने स्वीकारा, बोले- 6 वाहन मालिकों को करेंगे पेश

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CENTRAL NEWS DESK: देशभर में लागू किए गए E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari द्वारा आलोचकों को दिए गए “एक ऐसा व्यक्ति सामने लाओ जिसकी गाड़ी केवल E20 पेट्रोल से खराब हुई हो” वाले चैलेंज को अब प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार कर लिया है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता Tehseen Poonawalla ने दावा किया है कि उनके पास एक नहीं बल्कि 6 ऐसे वाहन मालिक हैं, जिनकी गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद गंभीर तकनीकी समस्याएं आई हैं। उन्होंने मंत्री से मुलाकात का समय मांगा है और कहा है कि यह बैठक मीडिया की मौजूदगी में और लाइव प्रसारण के साथ होनी चाहिए।

वाहन मालिकों का दावा: E20 पेट्रोल डालने से उनकी गाड़ी माइलेज कम

केंद्र सरकार ने देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।

हालांकि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों का दावा है कि उनकी गाड़ियों में E20 पेट्रोल डालने के बाद माइलेज कम हो गया, इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हुई और कई वाहनों में ईंधन प्रणाली से जुड़ी खराबियां सामने आईं। खासकर 2023 से पहले बने और E10 के लिए डिजाइन किए गए वाहनों के मालिक इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

गडकरी ने दिया था खुला चैलेंज

इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा था कि अब तक कोई यह साबित नहीं कर पाया है कि केवल E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा था कि यदि कोई ऐसा मामला सामने आता है तो वाहन डीलर या मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जांच के बाद यदि E20 जिम्मेदार पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का जवाब

तेहसीन पूनावाला ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्होंने गडकरी का चैलेंज स्वीकार कर लिया है और उनके पास छह ऐसे लोग हैं जिनकी गाड़ियों में E20 पेट्रोल के कारण समस्या आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे मंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे थे तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें मंत्री के आवास जाने से मना कर दिया। उन्होंने सरकार से आधिकारिक समय देने की मांग की ताकि सभी पीड़ित मीडिया के सामने अपनी बात रख सकें।

हितों के टकराव का भी आरोप

इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि उनके परिवार की एथेनॉल कारोबार में हिस्सेदारी केवल 0.07 प्रतिशत है और इससे उन्हें कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होता। इस पर तेहसीन पूनावाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री के परिवार का एथेनॉल कारोबार लगातार बढ़ रहा है और इसे हितों के टकराव (Conflict of Interest) के रूप में देखा जाना चाहिए।

E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की क्या शिकायतें हैं?

वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल के उपयोग से:

  • माइलेज में 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आई है।
  • फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम के रबर पार्ट्स प्रभावित हुए हैं।
  • इंजन में रफ आइडलिंग और परफॉर्मेंस की समस्या बढ़ी है।
  • मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है।
  • पुराने और E10-कंपैटिबल वाहनों में खराबी की शिकायतें ज्यादा हैं।

कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि E20 पेट्रोल पुराने वाहनों के कुछ रबर पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है, हालांकि सरकार का कहना है कि पर्याप्त सर्विसिंग और सही तकनीकी मानकों के साथ यह ईंधन सुरक्षित है।

सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम से:

  • कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी।
  • किसानों को एथेनॉल उत्पादन से अतिरिक्त आय मिलेगी।
  • कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
  • आधुनिक इंजनों की कार्यक्षमता बेहतर होगी।

सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों का दावा है कि E20 के अनुकूल वाहनों में किसी बड़ी समस्या की आशंका नहीं है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या नितिन गडकरी प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगे और क्या वास्तव में वे छह वाहन मालिक अपने दावों के साथ मंत्री के सामने पेश होंगे। E20 पेट्रोल को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस फिलहाल जारी है।

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