जल्द इस्तीफा देंगे कीर स्टार्मर, अपनी ही पार्टी के सांसदों ने बढ़ाया दबाव: ट्रम्प
CENTRAL NEWS DESK: ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर जल्द अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि स्टार्मर इमिग्रेशन और ऊर्जा नीतियों पर बुरी तरह असफल रहे हैं और अब उनकी कुर्सी बचाना मुश्किल हो गया है।
ट्रम्प के इस बयान के बाद ब्रिटिश मीडिया में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लेबर पार्टी के भीतर स्टार्मर के खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में सांसद उनके नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं।
100 से ज्यादा सांसदों ने खोला मोर्चा
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबर पार्टी के 100 से अधिक सांसद सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से इस्तीफा देने या पद छोड़ने की समयसीमा तय करने की मांग कर चुके हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते विरोध ने प्रधानमंत्री की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इस्तीफे की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि स्टार्मर पूरी तरह अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और फिलहाल पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं है।
ट्रम्प के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि स्टार्मर की नीतियां ब्रिटेन को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से इमिग्रेशन और ऊर्जा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर नाकाम साबित हुए हैं। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन में पहले से ही स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर बहस चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी ने इस बहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है।

क्यों बढ़ रहा है स्टार्मर पर दबाव?
2024 के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता में आई लेबर पार्टी से जनता को बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन महंगाई, जीवन स्तर, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक सुधारों को लेकर किए गए कई वादे अभी तक जमीन पर पूरी तरह दिखाई नहीं दिए हैं। इसके अलावा सरकार के कई फैसलों में यू-टर्न और नीतिगत बदलावों ने भी स्टार्मर की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाया है। हाल ही में हुए एक उपचुनाव में उनके विरोधी नेता एंडी बर्नहैम की जीत ने पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को और हवा दे दी।
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बदलना क्यों आसान है
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था अन्य देशों से अलग है। यहां प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता नहीं करती, बल्कि संसद में बहुमत वाली पार्टी के सांसद अपने नेता को प्रधानमंत्री बनाते हैं। यदि सांसदों को लगता है कि मौजूदा नेता अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है, तो वे उसके खिलाफ बगावत कर नया नेता चुन सकते हैं। यही वजह है कि पिछले एक दशक में ब्रिटेन में कई प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।
10 साल में पांच प्रधानमंत्री पहले ही छोड़ चुके हैं पद
अगर कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो वे पिछले 10 वर्षों में कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ने वाले छठे ब्रिटिश प्रधानमंत्री होंगे। इससे पहले David Cameron, Theresa May, Boris Johnson, Liz Truss और Rishi Sunak भी समय से पहले पद छोड़ चुके हैं।
ब्रेक्जिट के बाद बदली राजनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि 2016 में ब्रेक्जिट जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति पूरी तरह बदल गई। अब जनता केवल राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि महंगाई, टैक्स, रोजगार और जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर त्वरित परिणाम चाहती है। यही कारण है कि किसी भी प्रधानमंत्री पर पहले की तुलना में कहीं अधिक दबाव रहता है। जनता की उम्मीदें पूरी न होने पर पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठने लगती है। फिलहाल स्टार्मर की कुर्सी बची हुई है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और ट्रम्प जैसे अंतरराष्ट्रीय नेताओं की टिप्पणियों ने ब्रिटेन की राजनीति को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या स्टार्मर दबाव के आगे झुकेंगे या फिर अपने विरोधियों को जवाब देकर सत्ता पर पकड़ बनाए रखेंगे।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
