इजराइल के हमलों ने बिगाड़ा अमेरिका-ईरान डील, लेबनान में 18 मौतों के बाद बातचीत रुकी

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इजराइल के हमलों ने बिगाड़ा अमेरिका-ईरान डील, लेबनान में 18 मौतों के बाद बातचीत रुकी

THE HEADLINE TODAY NEWS

CENTRAL NEWS DESK:पश्चिम एशिया में क्राइसिस एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई डील के बाद जिस शांति की उम्मीद की जा रही थी, उस पर अब लेबनान में जारी इजराइली हमलों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। स्विट्जरलैंड में होने वाली दोनों देशों की महत्वपूर्ण वार्ता फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इससे समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद नहीं होती, तब तक वह बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार नहीं है। ईरान का कहना है कि समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियां रोकने की बात कही गई थी, इसलिए लेबनान में जारी हमले समझौते की भावना के खिलाफ हैं।

लेबनान में रातभर बरसे बम, 18 लोगों की मौत

लेबनान के साउथ जोन में इजराइल ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। नबातियेह जिले सहित कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। इजराइली सेना का दावा है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें चार इजराइली सैनिक मारे गए थे। सेना के अनुसार दक्षिणी लेबनान में एक टैंक पर विस्फोटक हमला हुआ था, जिसके बाद जवाबी सैन्य अभियान तेज कर दिया गया।

ईरान ने मांगी गारंटी, तभी होगी बातचीत

एक सीनियर डिप्लोमेट्स के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थ देशों के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि लेबनान में संघर्ष समाप्त होने की गारंटी दी जाए। इसके बाद ही अमेरिका के साथ नई वार्ता शुरू हो सकेगी। सूत्रों का कहना है कि मध्यस्थ लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं, लेकिन फिलहाल बातचीत दोबारा शुरू होने की कोई तय तारीख सामने नहीं आई है।

अमेरिकी वाइस प्रेसीडेंट जेडी वेंस ने जताई नाराजगी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी लेबनान में जारी इजराइली अभियान पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को नुकसान पहुंचाया है। वेंस ने इजराइल के कुछ नेताओं द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इजराइल को अपने सबसे शक्तिशाली सहयोगी अमेरिका के साथ टकराव की स्थिति नहीं बनानी चाहिए।

कट्टरपंथी बयानों से और बढ़ा विवाद

लेबनान में हमलों के बाद इजराइल के कुछ दक्षिणपंथी नेताओं के बयान भी विवाद का कारण बन गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने कहा कि “पूरा लेबनान जलना चाहिए”, जबकि फाइनेंस मिनिस्टर बेजालेल स्मोट्रिच ने सेना से और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इन बयानों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि दक्षिणी लेबनान में कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हटने की उनकी कोई योजना नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बनी अनिश्चितता

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। अमेरिका और ईरान के समझौते में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि हालात सामान्य होने में अभी कई सप्ताह लग सकते हैं। युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20 परसेंट क्रूड ऑयल का परिवहन इसी मार्ग से होता था। अमेरिका का कहना है कि जहाजों की आवाजाही जल्द पूरी तरह बहाल होगी, लेकिन ईरान ने संकेत दिए हैं कि इस मार्ग की निगरानी और संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

ग्लोबल मार्केट और सेफटी पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लेबनान में संघर्ष जारी रहता है और अमेरिका-ईरान वार्ता लंबे समय तक टलती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि लेबनान में हिंसा कब थमेगी और अमेरिका-ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत कब दोबारा शुरू होगी। आने वाले दिनों में लिए गए फैसले पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों की दिशा तय कर सकते हैं।

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