सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने बताई CM योगी से मुलाकात की वजह
Central News Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। अब पूजा पाल ने खुद इस मुलाकात की वजह स्पष्ट कर दी है।
विकास कार्यों के लिए हुई मुलाकात
कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल ने कहा कि क्षेत्र में कई विकास कार्य केवल मुख्यमंत्री के स्तर पर ही स्वीकृत हो सकते हैं। इसके लिए प्रस्ताव लिखित रूप में सीएम को भेजे जाते हैं और उसी प्रक्रिया के तहत उनकी योगी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने साफ किया कि यह मुलाकात पूरी तरह विकास कार्यों के संदर्भ में थी।

पति राजू पाल को लेकर विपक्ष पर नाराज़गी
विपक्ष की ओर से उनके दिवंगत पति और पूर्व विधायक राजू पाल को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर पूजा पाल ने नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा,
“राजू पाल की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष जिस तरह की बातें कर रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
पूजा पाल ने दावा किया कि राजू पाल का कभी भी माफिया अतीक अहमद से कोई संबंध नहीं रहा।
“अतीक पर 300-400 मुकदमे थे, लेकिन एक भी केस ऐसा नहीं है जिसमें राजू उनके साथ दिखे हों। उल्टा, राजू पाल शुरू से अतीक से नफरत करते थे और उनसे लड़ने की हिम्मत दिखाई थी।”
सपा प्रमुख पर तीखा हमला
पूजा पाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच साफ संकेत थे कि तत्कालीन सरकार माफियाओं को संरक्षण नहीं दे रही है। लेकिन हाल के वर्षों में यह साफ दिखाई देने लगा कि कुछ माफियाओं को पनाह दी जा रही है।
“उत्तर प्रदेश अपराध मुक्त राज्य की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अखिलेश यादव माफियाओं को वैध करार देने की कोशिश कर रहे थे।”
निजी जीवन पर उठ रहे सवालों का जवाब
अपने निजी जीवन और शादी को लेकर उठ रही अफवाहों पर भी पूजा पाल ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसलिए वे व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी कर रहे हैं।
“मैंने अपने संघर्ष और निजी जीवन को कभी मीडिया के सामने नहीं रखा। लेकिन जब मुद्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है, तब अपना पक्ष रखना जरूरी हो जाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिस उम्र में वे राजनीति में आईं और जिनसे लड़ीं, उस दौरान उनके खिलाफ साजिशें हुईं। “मेरी हत्या तक की कोशिशें हुईं, लेकिन मैंने अपने विवेक से खुद को सुरक्षित रखा।”
सियासी मायने
पूजा पाल की यह मुलाकात और बयान स्पष्ट करते हैं कि अब उनका रुख पूरी तरह समाजवादी पार्टी के खिलाफ और मुख्यमंत्री योगी की नीतियों के समर्थन में है। सियासी पंडित मान रहे हैं कि आने वाले समय में उनके अगले कदम का असर कौशांबी ही नहीं, बल्कि पूरे इलाहाबाद-प्रयागराज क्षेत्र की राजनीति पर देखने को मिलेगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
