रक्षाबंधन की रौनक: पूरे देश में उमड़ी भीड़, उन्नाव-कानपुर के स्कूलों और प्रशासनिक कार्यक्रमों में भी मनी भाई-बहन की डोर का पर्व
Unnao News Desk: रक्षाबंधन का पर्व इस साल एक दिन पहले ही पूरे देश में उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। बाजारों से लेकर मोहल्लों तक, मिठाई की दुकानों से लेकर गिफ्ट शॉप्स तक, हर जगह रौनक और भीड़ देखने को मिली। दुकानदार सुबह से ही ग्राहकों की सेवा में जुटे रहे, वहीं बहनों ने रंग-बिरंगी राखियों और मिठाइयों की खरीदारी कर अपने भाइयों के लिए तैयारियां पूरी कीं।

बाजारों में रही जमकर चहल-पहल
उन्नाव और कानपुर में सोमवार से ही बाजारों में भारी भीड़ देखी गई। राखियों की दुकानों पर विभिन्न डिजाइनों की राखियां सजाई गई थीं—कॉटन, मोती, चांदी, बच्चों के लिए कार्टून थीम और कस्टम नाम वाली राखियों की जमकर बिक्री हुई। मिठाई की दुकानों पर जलेबी, लड्डू, काजू कतली, और चॉकलेट्स की भारी मांग रही।

उन्नाव में प्रशासनिक और सामुदायिक आयोजन
जिला प्रशासन उन्नाव की ओर से रक्षाबंधन के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला पुलिसकर्मियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सहकर्मी जवानों की कलाई पर राखी बांधी। साथ ही, वृद्धाश्रम और अनाथालय में जाकर बहनों ने वहां रहने वाले लोगों को राखी बांधी और मिठाई खिलाई, जिससे माहौल भावुक हो गया।

स्कूलों में भी मनाया गया पर्व
उन्नाव और कानपुर के कई स्कूलों में रक्षाबंधन पर्व एक दिन पहले ही धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, कविता, और नृत्य प्रस्तुत किए। नन्ही-नन्ही बच्चियों ने अपने सहपाठियों और शिक्षकों को राखी बांधी। शिक्षकों ने बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व, भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प के बारे में बताया।

SHO को भी बच्चों ने बांधी राखी
उन्नाव के एक प्रमुख विद्यालय में इस अवसर पर बच्चों ने स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) को भी राखी बांधकर भाई-बहन के रिश्ते का अनोखा उदाहरण पेश किया। SHO ने बच्चों को आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा उनकी सुरक्षा और मदद के लिए तत्पर है। उन्होंने बच्चों को कानून, ट्रैफिक नियम और सतर्क रहने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। इस मौके पर विद्यालय में रंग-बिरंगी सजावट और उत्सव जैसा माहौल रहा।

जेल में भी बंधी भाईचारे की डोर
रक्षाबंधन पर जेल में बंद कैदियों और उनकी बहनों के बीच भी भावनात्मक मुलाकात हुई। जेल प्रशासन ने इस आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए खास तैयारी की थी। सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात के समय निर्धारण पर विशेष ध्यान दिया गया। मुलाकात के बाद बहनों को सुरक्षित जेल से बाहर भेजने की व्यवस्था की गई। इस मौके ने कैदियों को मानसिक सुकून दिया और परिवार से जुड़ाव का बंधन और मजबूत किया। लंबे समय से जेल में बंद कैदियों के लिए यह दिन नई उमंग लेकर आया, जब बहनों के हाथों से बंधी राखी ने उन्हें एहसास दिलाया कि परिवार अब भी उनके साथ है।

कानपुर में भी दिखा उत्साह
कानपुर के बड़े बाजार जैसे बिरहाना रोड, नवाबगंज, स्वरूप नगर और किदवई नगर में राखी और मिठाई की दुकानों पर खरीदारी का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। कई जगह भाई-बहन सेल्फी लेते नजर आए, वहीं घर लौटते समय लोग मिठाइयों और गिफ्ट से भरे बैग लेकर खुशी-खुशी अपने परिवारों के पास पहुंचे।
रक्षाबंधन का यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते की डोर को मजबूत करता है, बल्कि समाज में प्रेम, विश्वास और आपसी सहयोग का संदेश भी देता है। इस बार का रक्षाबंधन, एक दिन पहले मनाए जाने के बावजूद, पूरे देश में भाईचारे और उत्साह का प्रतीक बन गया।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
