मराठा आरक्षण आंदोलन: अनशन खत्म करते ही भावुक होकर रो पड़े मनोज जारांगे पाटिल,

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Mumbai News Desk: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की लड़ाई का चेहरा बने मनोज जारांगे पाटिल ने आखिरकार अपना लंबा अनशन समाप्त कर दिया। मंगलवार को सरकार द्वारा उनकी आठ में से छह मांगें स्वीकार कर अध्यादेश जारी करने के बाद पाटिल मंच पर ही फूट-फूटकर रो पड़े। यह नजारा देखकर आंदोलन स्थल पर मौजूद हजारों समर्थक भी भावुक हो गए।

अनशन के दौरान दबाव की राजनीति

पांच दिन से अधिक चले इस उपवास में जारांगे पाटिल लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। उन्होंने साफ कहा था कि ठोस फैसला आने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। यहां तक कि उन्होंने शर्त रखी थी कि उनका अनशन केवल तब टूटेगा जब उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद आकर उन्हें जूस पिलाएंगे। हालांकि अंततः मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की मौजूदगी में उन्होंने नींबू पानी पीकर अनशन खत्म किया।

पाटिल हुए भावुक, बोले – “यह लड़ाई आसान नहीं थी”

अनशन खत्म करते वक्त पाटिल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि मराठा समाज की एकजुटता और संघर्ष ने यह ऐतिहासिक जीत दिलाई है। उन्होंने दावा किया कि पहले ही 2 करोड़ मराठा समाज के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, और अब सातारा गजट के लागू होने से पश्चिम महाराष्ट्र के मराठे भी आरक्षण के दायरे में आएंगे। पाटिल ने जोर देकर कहा – “पूरा महाराष्ट्र मेरा है, मैं इसे कभी हिस्सों में बंटकर नहीं देखता। यह जीत समाज की है।”

सरकार का अध्यादेश और 5 अहम बिंदु

मराठा समाज की मांगों को मानते हुए सरकार ने अध्यादेश जारी किया है, जिसमें 5 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है:

  1. मराठवाड़ा का ऐतिहासिक महत्व – इस क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को मान्यता दी गई।
  2. संत परंपरा और धार्मिक विरासत – संत नामदेव, ज्ञानेश्वर और एकनाथ जैसी विभूतियों की भूमि को विशेष दर्जा दिया गया।
  3. निजाम काल और कुणबी नोंदी – कुणबी जाति के ऐतिहासिक दस्तावेज़ों को आरक्षण प्रक्रिया में आधार बनाया जाएगा।
  4. शिंदे समिति की सिफारिशें – कुणबी- मराठा समाज के रिकॉर्ड की जांच कर प्रमाणपत्र प्रक्रिया आसान बनाई गई।
  5. हैदराबाद, सातारा और बॉम्बे गजट का लागू होना – इससे मराठा समाज को कुणबी- मराठा प्रमाणपत्र मिलना और सरल होगा।

मराठा समाज में खुशी और चेतावनी भी

सरकार के इस फैसले के बाद मराठा समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन स्थल पर गुलाल उड़ाया गया और हजारों लोग जश्न मनाने लगे। हालांकि जारांगे पाटिल ने सरकार को चेतावनी भी दी कि यदि आगे किसी तरह की गड़बड़ी हुई, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा – “अगर वादे पूरे नहीं हुए, तो मैं खुद सवाल पूछने पहुंच जाऊँगा।”

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