कानपुर देहात: यमुना नदी में प्रतिबंधित मछलियों का बड़े पैमाने पर अवैध शिकार, प्रशासन की लापरवाही से शिकारियों के हौसले बुलंद
Central News Desk: कानपुर देहात जिले में यमुना नदी अवैध मछली शिकार का गढ़ बनती जा रही है। जानकारी के अनुसार, नदी में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मछलियों का शिकार किया जा रहा है। यह न सिर्फ़ सरकार को हर रोज़ लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुँचा रहा है बल्कि नदी की पारिस्थितिकी पर भी गंभीर असर डाल रहा है।
आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर अवैध शिकार
तहसील सिकंदरा क्षेत्र में अमराहट, गौरीरतन बांगर, महेशपुर, भुपय्यापुर और गौहानी समेत आधा दर्जन से अधिक जगहों पर शिकारियों का कब्ज़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मछली पकड़ने के लिए प्रतिबंधित तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे अन्य जलजीव भी प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही शिकारियों का हौसला बढ़ा हुआ है। पुलिस और मत्स्य विभाग की अनदेखी से यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पारिस्थितिकी को नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना नदी में इस तरह का अवैध शिकार लंबे समय में पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक साबित होगा। प्रतिबंधित मछलियों का खत्म होना खाद्य श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है और नदी की जैव विविधता पर गहरा असर डालेगा।
स्थानीय आबादी का विरोध
अवैध मछली शिकार से परेशान स्थानीय आबादी अब विरोध में उतर आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
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