शाहरुख खान को मिला नेशनल अवॉर्ड, कांग्रेस नेता का विवादित बयान: “मुस्लिम वोटरों को लुभाने की सियासत”

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Central News Desk: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह शाहरुख के करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जिस पर उनके प्रशंसक बेहद उत्साहित हैं। लेकिन इस खुशी के बीच राजनीति ने भी जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस नेता भाई जगताप ने इस सम्मान को चुनावी सियासत से जोड़ते हुए बड़ा बयान दे दिया है।

कांग्रेस नेता का दावा: मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश

भाई जगताप ने कहा कि शाहरुख खान को यह सम्मान केवल उनकी प्रतिभा के लिए नहीं, बल्कि मुस्लिम वोट बैंक को साधने की रणनीति के तहत दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया – “क्या शाहरुख को यह पुरस्कार इसलिए दिया गया क्योंकि वे एक बेहतरीन कलाकार हैं, या इसलिए कि वे मुस्लिम हैं? क्या यह फैसला बीएमसी चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लिया गया?”

BJP पर भी साधा निशाना

जगताप ने उन बीजेपी नेताओं को भी जवाब दिया जिन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में शाहरुख को यह पुरस्कार नहीं मिला, जबकि भाजपा सरकार ने उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा –
“शाहरुख खान को दुनिया पहचानती है। वे पहले ही उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं। यह पुरस्कार उनके कद को और बढ़ाता है। लेकिन इससे पहले भी कई कलाकारों को सम्मान मिलता रहा है। इसे राजनीति से जोड़ना गलत है।”


“मुस्लिम समाज में BJP को लेकर गुस्सा”

जगताप ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में बीजेपी के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है और ऐसे में शाहरुख खान को पुरस्कार देकर सत्ता पक्ष वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, यह एक राजनीतिक हथकंडा हो सकता है।

बाढ़ दौरे पर भी साधा निशाना

कांग्रेस नेता ने इस मौके पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजीत पवार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों का उनका दौरा सिर्फ “फोटोशूट” था। उन्होंने किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी की मांग की और कहा कि सितंबर खत्म होने को है, लेकिन बारिश और बाढ़ ने किसानों की हालत बेहद खराब कर दी है।

शाहरुख खान की उपलब्धि पर सियासी साया

जहां शाहरुख खान के फैंस इस सम्मान को लेकर जश्न मना रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता के इस बयान ने अवॉर्ड को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। अब सवाल यह है कि क्या शाहरुख खान की उपलब्धि को उनके धर्म से जोड़कर देखा जाएगा या फिर इसे एक कलाकार की मेहनत और प्रतिभा की सच्ची पहचान माना जाएगा।

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