बांके बिहारी मंदिर में VIP सेवा बंद: कॉरिडोर के ऐलान से नाराज गोस्वामी समाज ने उठाया बड़ा कदम
कॉरिडोर को लेकर गहराया विवाद
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के लिए घोषित कॉरिडोर परियोजना को लेकर गोस्वामी समाज में गहरा असंतोष है। समाज का आरोप है कि इस परियोजना के जरिए मंदिर की परंपरागत व्यवस्था और सेवायतों की भूमिका को दरकिनार किया जा रहा है।
वीआईपी को अब नहीं मिलेगी विशेष सेवा
गोस्वामी समाज ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए दी जाने वाली सभी विशेष सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी हैं। अब किसी वीआईपी को ठाकुर जी की माला पहनाई नहीं जाएगी, ना ही पटुका ओढ़ाया जाएगा। प्रसाद की डलिया और ठाकुर जी की बांसुरी भी अब भेंट में नहीं दी जाएगी।
सेवायत बोले – ठाकुर जी की प्रेरणा से लिया निर्णय
सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि यह निर्णय ठाकुर बांके बिहारी की प्रेरणा से लिया गया है। उन्होंने कहा, “जो नेता, अधिकारी, उद्योगपति या कोई अन्य व्यक्ति ठाकुर जी की सेवा में व्यवधान डाल रहे हैं या गोस्वामी समाज की परंपरा का अपमान कर रहे हैं, उनका मंदिर में न स्वागत होगा, न सम्मान।”
प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत करने से भी किया इनकार
हाल ही में राजस्थान के गृहमंत्री और मथुरा के डीएम-एसएसपी मंदिर पहुंचे थे, लेकिन गोस्वामी समाज की ओर से किसी ने भी उनका स्वागत नहीं किया। यह पहली बार हुआ है जब इतने बड़े अधिकारियों को मंदिर में बिना किसी विशेष आदर-सत्कार के दर्शन करने पड़े।
ठाकुर जी को कहीं और ले जाने की भी दी चेतावनी
आक्रोशित गोस्वामी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं मानी, तो वे अपने ठाकुर जी को कहीं और ले जाने पर मजबूर हो जाएंगे। यह बयान सरकार के लिए एक सीधा संकेत है कि मंदिर को लेकर मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार की मनाने की कोशिशें जारी
फिलहाल राज्य सरकार गोस्वामी समाज को मनाने की कोशिश में जुटी हुई है, लेकिन समाज अपने फैसले पर अडिग है। मंदिर की गरिमा, परंपरा और सेवायतों की भूमिका की रक्षा के लिए यह संघर्ष अब और तेज होता नजर आ रहा है।
