महंत प्रेमदासजी महाराज के सानिध्य में हुआ भव्य आयोजन, कथावाचक मदनमोहनजी महाराज ने सुनाई प्रभु श्रीराम की महिमा

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CENTRAL NEWS DESK: श्री क्षेत्र किष्किंधा धाम स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर, साईं धाम, दोनी बाबा आश्रम परिसर, मधुबन कमलापुर में 11 अक्टूबर से शुरू हुई श्रीराम कथा अमृत महोत्सव का 19 अक्टूबर को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। नवरात्रि के प्रथम दिन शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में जयपुर निवासी कथावाचक श्री मदनमोहनजी महाराज (पूज्य व्यासजी) ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की महिमा और उनके आदर्शों का श्रवण कराया। आयोजन महंत प्रेमदासजी महाराज (दोनी बाबाजी) के सानिध्य में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर कथा, हवन-पूजन, पूर्णाहुति और भंडारे में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

11 अक्टूबर से शुरू हुई श्रीराम कथा, प्रतिदिन हुआ कथा वाचन

श्रीराम कथा अमृत महोत्सव की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाता था। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, मर्यादा, त्याग, प्रेम, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त की।

जयपुर से पधारे कथावाचक श्री मदनमोहनजी महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से प्रभु श्रीराम के आदर्श चरित्र का वर्णन किया। कथा में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों के जरिए परिवार, समाज और जीवन में सदाचार, कर्तव्यनिष्ठा तथा मानवीय मूल्यों के महत्व को बताया गया।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया।

अखंड रामायण पाठ का आयोजन

श्रीराम कथा महोत्सव के अंतर्गत 18 अक्टूबर को अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित इस पाठ में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और प्रभु श्रीराम का स्मरण किया।

अखंड रामायण पाठ 19 अक्टूबर को संपन्न हुआ। इसके बाद समापन दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कथा महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

कथा के बाद हवन-पूजन और पूर्णाहुति

महोत्सव के अंतिम दिन 19 अक्टूबर को सुबह श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया गया और पूर्णाहुति अर्पित की गई।

हवन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर प्रभु श्रीराम से सभी के कल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रीराम कथा अमृत महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।

भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

हवन-पूजन और पूर्णाहुति के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में शामिल भक्तों ने धार्मिक कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

महंत प्रेमदासजी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। कथा, अखंड रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे के माध्यम से पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।

प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश

श्री क्षेत्र किष्किंधा धाम में आयोजित श्रीराम कथा अमृत महोत्सव श्रद्धा और भक्ति का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। कथावाचक श्री मदनमोहनजी महाराज के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन हवन-पूजन, पूर्णाहुति और भंडारे के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम से सभी के सुख, शांति और कल्याण की कामना की।

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