व्यक्ति सिर्फ हाथों से नहीं, आंखों, मन और विचारों से भी करता है स्पर्श: नरेंद्र भदौरिया

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CENTRAL NEWS DESK: व्यक्ति एक-दूसरे को केवल हाथों से ही नहीं, बल्कि आंखों, मन, भावनाओं, मस्तिष्क, विचारों, इंद्रियों और भंगिमाओं के माध्यम से भी स्पर्श करता है। संचार के ये अलग-अलग माध्यम व्यक्ति के व्यवहार और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं। यह बात वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र भदौरिया ने मंगलवार को जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में एईडीपी के नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कही।

नरेंद्र मोहन की सीख को किया याद

कार्यक्रम में अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए नरेंद्र भदौरिया ने दैनिक जागरण के तत्कालीन प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन गुप्त से जुड़ी एक आत्मीय मुलाकात का संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोहन ने उन्हें समझाया था कि व्यक्ति किसी दूसरे प्राणी को नौ तरह से स्पर्श कर सकता है। यह स्पर्श केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आंखों, मन, भाव, मस्तिष्क, विचारों, इंद्रियों और भंगिमाओं के माध्यम से भी होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि प्रभावी संचार केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। व्यक्ति का हाव-भाव, सोच, भावनाएं और सामने वाले के प्रति उसका नजरिया भी संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

“पत्रकार को हिम्मत करनी चाहिए, हिमाकत नहीं”

नरेंद्र भदौरिया ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता में साहस और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार को अपनी बात कहने की हिम्मत जरूर रखनी चाहिए, लेकिन जानकारी और अधिकार के अभाव में गलत तरीके से अपनी बात रखना हिमाकत है। पत्रकारिता में तथ्यपरकता और जिम्मेदारी को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, तथ्यों की जांच करने और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति को पत्रकारिता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

अपनी आवाज को बनाएं पहचान : समरीन सिद्दीकी

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रेडियो प्रेजेंटर एवं दूरदर्शन न्यूज रीडर समरीन सिद्दीकी ने विद्यार्थियों को अपनी स्किल पहचानने और उस पर लगातार काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति हिम्मत के साथ अपनी बात कहने का सलीका सीख ले तो उसके लिए हर काम संभव हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उनकी आवाज भी उनकी पहचान बन सकती है।

चार नए पाठ्यक्रमों से कराया परिचित

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना, दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन की असिस्टेंट प्रोफेसर आकृति अवस्थी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को चार नए और भविष्यपरक स्नातक कार्यक्रमों B.Sc मीडिया कम्युनिकेशन, B.Sc डिजिटल मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, बीएससी गेम आर्ट एंड डिजाइन तथा बीएससी एनीमेशन एंड VFX की जानकारी दी

इन पाठ्यक्रमों को विद्यार्थियों में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, उद्योग अनुभव और रचनात्मक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

कौशल विकास और रचनात्मक सोच पर जोर

जागरण एजुकेशन फाउंडेशन के सीईओ डॉ. जे.एन. गुप्ता ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा के साथ कौशल विकास और रचनात्मक सोच को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान भव्या खन्ना के नेतृत्व में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न संवादात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स की प्राचार्य डॉ. अस्मिता दुबे, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन के निदेशक डॉ. उपेंद्र पांडेय, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. दिव्या चौधरी, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन के निदेशक अमरदीप सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन की फैकल्टी मोनिका खंडूजा के आभार ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर धीरज शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय चंदानी, असिस्टेंट प्रोफेसर राम जी बाजपेई और टीवी स्टूडियो इंचार्ज अखिलेश मिश्र सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

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