लॉर्ड्स में रचा इतिहास, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने पहली बार जीता महिला टेस्ट मैच

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CENTRAL NEWS DESK: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में खेला गया पहला महिला टेस्ट अपने नाम कर लिया। यह पहली बार है जब किसी टीम ने लॉर्ड्स में आयोजित महिला टेस्ट मैच में जीत दर्ज की है। चार दिन तक चले इस मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया।

स्मृति मंधाना ने पहली पारी में दिलाई मजबूत शुरुआत

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। उपकप्तान स्मृति मंधाना ने शानदार 83 रन की पारी खेली। उन्होंने 11 चौके और एक छक्का लगाकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन और दीप्ति शर्मा ने 57 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

क्रांति गॉड की घातक गेंदबाजी से बिखरी इंग्लैंड की टीम

पहली पारी में भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गॉड ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मध्य प्रदेश की 22 वर्षीय गेंदबाज ने 17 ओवर में महज 37 रन देकर पांच विकेट झटके। क्रांति की शानदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई और भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की अहम बढ़त मिली।

यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज कराया नाम

दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। इस पारी की सबसे बड़ी स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया रहीं। यास्तिका ने 158 गेंदों में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। इस शतक के साथ वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। स्मृति मंधाना ने दूसरी पारी में भी 70 रन बनाए, जबकि ऋचा घोष ने सिर्फ 52 गेंदों में तेज़ 50 रन की उपयोगी पारी खेली। भारत ने सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।

स्नेह राणा ने खत्म किया इंग्लैंड का संघर्ष

457 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर मेजबान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। क्रांति गॉड और दीप्ति शर्मा ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की ओर से एमी जोन्स ने नाबाद 54 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास साथ नहीं मिला।

मैच के चौथे दिन भारत ने महज कुछ ही मिनटों में आखिरी विकेट हासिल कर 270 रन की ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट में कायम रहा भारत का दबदबा

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड में अपना शानदार रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया। भारत ने इंग्लैंड की धरती पर अब तक खेले गए 10 महिला टेस्ट मैचों में तीन जीते हैं, जबकि सात मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यानी भारतीय टीम आज तक इंग्लैंड में कोई महिला टेस्ट मैच नहीं हारी है। साथ ही यह भारत की पिछले पांच महिला टेस्ट मैचों में चौथी जीत भी है, जो टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन का सबूत है।

जय शाह और सचिन तेंदुलकर भी बने ऐतिहासिक पल के गवाह

भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष जय शाह और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी लॉर्ड्स में मौजूद थे। आखिरी विकेट गिरने के बाद दोनों ने खिलाड़ियों को बधाई दी। सचिन तेंदुलकर मैदान पर पहुंचे और भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन

लॉर्ड्स में मिली यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद की जाएगी। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि अब वह दुनिया के किसी भी मैदान पर इतिहास रचने का दम रखती है। यास्तिका भाटिया का शतक, क्रांति गॉड की घातक गेंदबाजी और पूरे टीम के दमदार प्रदर्शन ने इस जीत को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

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