इंडिगो संकट गहराया: 600 से अधिक उड़ानें रद्द, एयरपोर्ट्स पर यात्रियों का हाहाकार

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DELHI NEWS DESK: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के संचालन संकट ने तीसरे दिन भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। पिछले दो दिनों में 1500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद आज भी हालात बेहद खराब बने हुए हैं। समय पर जानकारी न मिलने, कैंसलेशन और घंटों की देरी के कारण दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी मची रही। यात्रियों ने एयरलाइन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई।

क्यों बिगड़े हालात? पायलटों की भारी कमी और मिसमैनेजमेंट

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने मौजूदा संकट को सीधे तौर पर एयरलाइन प्रबंधन की नाकामी बताया है।
उनके मुताबिक—

DGCA को पूरे मामले की गहन जांच करनी चाहिए

इंडिगो के पास ऑपरेशन संभालने के लिए 50-55 पायलट कम हैं

अचानक बढ़े उड़ान शेड्यूल ने हालात खराब कर दिए

30 नवंबर तक सब सामान्य था, अचानक इतना बड़ा संकट कैसे?

एयरपोर्ट पर रोते-बिलखते बच्चे और बेबस बुजुर्ग

यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन की ओर से उन्हें पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, खाना तो दूर की बात है। कई लोग रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, तो कई लोग सुबह 3-4 बजे पहुंच गए—लेकिन वहां पहुंचकर पता चला कि उनकी फ्लाइट कैंसल हो चुकी है।

600 से अधिक उड़ानें रद्द, देश के एयरपोर्ट्स पर हाहाकार

सुबह 10 बजे तक यह स्थिति रही—

  • दिल्ली एयरपोर्ट: 225 फ्लाइटें रद्द
  • हैदराबाद: 92
  • बेंगलुरु: 102
  • पुणे: 92

कुल मिलाकर 600 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे हजारों यात्री फंस गए।

राहुल गांधी का बयान: “इंडिगो को खुद पर काम करना होगा”

इंडिगो संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा—

  • उड़ानें रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण
  • इंडिगो भरोसेमंद एयरलाइन है, लेकिन संकट ने भरोसा तोड़ा
  • एयरलाइन को आत्ममंथन करना चाहिए
  • देश में और नई एयरलाइनों को बढ़ावा देना जरूरी

सरकार को शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा की सलाह

मिलिंद देवड़ा ने कहा कि इस संकट से बचने के लिए डीजीसीए और एयरलाइन को बेहतर समन्वय बनाना चाहिए ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

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