IIT Kanpur Suicide: 22 महीने में सात छात्रों ने तोड़ी जिंदगी की डोर, काउंसलिंग सिस्टम पर उठे सवाल
Central News Desk: आईआईटी कानपुर में आत्महत्या का एक और मामला सामने आने से संस्थान की छात्र कल्याण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र धीरज सैनी का शव उनके कमरे में दो दिन तक पड़ा रहा और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जब कमरे से दुर्गंध आने लगी तब अन्य छात्रों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ। इस घटना ने न केवल पूरे कैंपस को झकझोर दिया बल्कि आईआईटी प्रबंधन की संवेदनशीलता और निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया।
आईआईटी कानपुर में नौ प्रोफेशनल काउंसलर, 24 घंटे की ऑनलाइन हेल्पलाइन, डी-एडिक्शन क्लीनिक और हर 30 छात्रों पर फैकल्टी एडवाइजर की तैनाती जैसे मजबूत काउंसलिंग तंत्र होने के बावजूद धीरज की जिंदगी नहीं बच पाई।
धीरज एथलीट भी थे और संस्थान की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। उनकी मौत से ठीक पहले होने वाले स्पोर्ट्स इवेंट ‘उद्घोष’ का माहौल भी गमगीन हो गया और संस्थान को प्रेसवार्ता रद्द करनी पड़ी।
पिछले 22 महीनों में संस्थान में सात छात्रों ने आत्महत्या की है।
- 19 दिसंबर 2023 – शोध सहायक डॉ. पल्लवी चिल्का
- 10 जनवरी 2024 – एमटेक छात्र विकास मीणा
- 18 जनवरी 2024 – पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल
- 10 अक्टूबर 2024 – पीएचडी छात्रा प्रगति
- 10 फरवरी 2025 – पीएचडी स्कॉलर अंकित यादव
- 25 अगस्त 2025 – सॉफ्टवेयर डेवलपर दीपक चौधरी
- 01 अक्तूबर 2025 – बीटेक छात्र धीरज सैनी
संस्थान की ओर से जारी बयान में धीरज के निधन को दुखद और असमय बताया गया। साथ ही कहा गया कि घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
