IND vs PAK Asia Cup Rivalry: जब पाकिस्तान ने किया भारत में हुए एशिया कप का बहिष्कार और टूर्नामेंट पर पड़ी बड़ी चोट
Sport News Desk: एशिया कप 2025 की शुरुआत से पहले ही भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर विवाद और बहिष्कार की आवाजें उठ रही हैं। करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का एक तबका सोशल मीडिया पर मैच न खेलने की मांग कर रहा है। दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह सहित कई नामी हस्तियां भी इस बहस में शामिल हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब एशिया कप में बहिष्कार की बात हुई हो।
साल 1990-91 में जब एशिया कप का चौथा संस्करण भारत में आयोजित हुआ था, तब पाकिस्तान ने भारत से तनावपूर्ण रिश्तों के चलते टूर्नामेंट का बहिष्कार कर दिया था। यह एशियाई क्रिकेट के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, क्योंकि भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता गायब हो गई। उस टूर्नामेंट को भारत ने श्रीलंका को हराकर अपने नाम किया, लेकिन पाकिस्तान की गैरमौजूदगी से टूर्नामेंट की चमक फीकी पड़ गई।
इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच बिगड़े हालात का असर इतना गहरा था कि 1993 का एशिया कप भी रद्द करना पड़ा। इसके बाद 1995 में शारजाह में टूर्नामेंट दोबारा आयोजित हुआ।
गौरतलब है कि भारत भी एक बार एशिया कप से नाम वापस ले चुका है। साल 1986 में श्रीलंका में हुए दूसरे संस्करण में भारत ने सुरक्षा कारणों से हिस्सा नहीं लिया था। उस वक्त श्रीलंका में गृहयुद्ध चल रहा था और सरकार ने बीसीसीआई को टीम न भेजने का निर्देश दिया था। उस संस्करण में सिर्फ श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें उतरी थीं।
आज हालात काफी बदल चुके हैं। क्रिकेट सिर्फ खेल ही नहीं बल्कि अरबों का कारोबार भी बन चुका है। ऐसे में एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बहस और बहिष्कार की आवाजें खेल से ज्यादा राजनीति और भावनाओं से जुड़ी नजर आती हैं।
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