कानपुर से बड़ी कार्रवाई : दुबे सिंडीकेट से जुड़े छह पुलिसकर्मी सस्पेंड, विभाग में हड़कंप
Central News Desk: शनिवार को कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने दुबे सिंडीकेट से मिलीभगत में पाए गए चार इंस्पेक्टर और दो दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आरोप है कि ये सभी पुलिसकर्मी कुख्यात अपराधी अखिलेश दुबे व उसके गैंग को लगातार फायदा पहुँचा रहे थे। जमीन कब्जों, मुकदमों की विवेचना और गुप्त सूचनाओं को लीक करने तक में इनकी संलिप्तता पाई गई। जांच रिपोर्ट में गंभीर तथ्य सामने आने के बाद कमिश्नर ने सभी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए।

कौन-कौन हुआ सस्पेंड
- इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह (पूर्व प्रभारी पनकी थाना) – भूमि विवाद मामलों में शिकायतकर्ताओं की अनदेखी, गैंग से सांठगांठ।
- इंस्पेक्टर आशीष कुमार द्विवेदी (पूर्व प्रभारी नवाबगंज/फजलगंज, कमिश्नर के पीआरओ) – दुबे सिंडीकेट तक गोपनीय जानकारी पहुँचाना।
- इंस्पेक्टर अमान सिंह (ग्वालटोली) – विवेचना में गैंग को लाभ पहुँचाना, बिना अनुमति बेल कमेंट भेजना।
- इंस्पेक्टर नीरज ओझा (पूर्व प्रभारी बर्रा) – रेप केस में झूठे तथ्य पेश कर सिंडीकेट की मदद करना।
- दरोगा आदेश कुमार यादव (चौकी प्रभारी, आवास विकास-नौबस्ता) – अवैध कामों को बढ़ावा देना और पुलिस छवि धूमिल करना।
- दरोगा सनोज पटेल (ग्वालटोली) – विवेचना में लापरवाही और गैंग को फायदा पहुँचाना।
विभाग में खलबली
इन नामों के उजागर होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कमिश्नर अखिल कुमार ने साफ कहा कि “कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने और अपराधियों से मिलीभगत करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।”
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