यूक्रेन ने रूस के न्यूक्लियर प्लांट पर किया ड्रोन हमला, शांति की कोशिशें नाकाम
Central News Desk: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। 24 अगस्त को यूक्रेन ने अपनी आज़ादी के 34 वर्ष पूरे होने के मौके पर रूस के पश्चिमी क्षेत्र कुर्स्क में स्थित न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट को ड्रोन हमले से निशाना बनाया। इस हमले के बाद प्लांट में आग लग गई और रूस के अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
रूस ने इस हमले को “अत्यंत खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम” बताते हुए कहा कि यूक्रेन ने न सिर्फ रूस बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में इस कार्रवाई की निंदा की और चेतावनी दी कि इसके “गंभीर परिणाम” होंगे।
यूक्रेन का संदेश
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला रूस को स्पष्ट संदेश देने के लिए किया गया है। यूक्रेन ने कहा कि “यह हमारी आज़ादी और संप्रभुता का प्रतीक है, रूस को समझना चाहिए कि युद्ध थोपने की कीमत चुकानी होगी।”
वैश्विक चिंता
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर प्लांट पर इस तरह के हमले बेहद विनाशकारी साबित हो सकते हैं। ज़रा सी चूक पूरी दुनिया को परमाणु विकिरण संकट की ओर धकेल सकती है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पहले ही दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की थी, लेकिन लगातार बढ़ते हमले शांति प्रयासों को असफल बना रहे हैं।
शांति वार्ता पर गहरा संकट
बीते कुछ महीनों में कई देशों की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की कोशिशें की गईं, लेकिन यह हमला एक बार फिर साबित करता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की बजाय और गहराता जा रहा है। अब स्थिति यह है कि किसी भी समय संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि परमाणु सुरक्षा का सवाल बन गया है। अगर ऐसे हमले जारी रहते हैं तो इसका असर न केवल यूरोप, बल्कि पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है।
news Journalist
