भारत-रूस रिश्तों में नई मजबूती, जयशंकर का मॉस्को दौरा सुर्खियों में

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भारत-रूस रिश्तों में नई मजबूती, जयशंकर का मॉस्को दौरा सुर्खियों में

Img. Credit: BBC

Central News Desk: भारत और रूस के रिश्तों में एक बार फिर गर्माहट लौटती दिख रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हालिया रूस दौरे के बाद अब विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 19 से 21 अगस्त तक मॉस्को की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम कई अहम बैठकों से भरा रहेगा।

सैन्य तकनीकी सहयोग पर गहन चर्चा

डोभाल के मॉस्को दौरे में दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विशेष बातचीत हुई थी। रूस स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि इस दौरान असैन्य विमान निर्माण, धातु उद्योग और रसायन क्षेत्र में भी संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने पर सहमति बनी।

अमेरिका से तनाव के बीच रूस से नजदीकी

जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-अमेरिका संबंधों में तल्खी आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीद कर यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, वॉशिंगटन इन दिनों पाकिस्तान से अपनी नजदीकियां भी बढ़ा रहा है। ऐसे हालात में भारत अपने विकल्पों को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रहा है और रूस के साथ करीबी बढ़ाना इसका अहम हिस्सा माना जा रहा है।

21 अगस्त को होगी अहम मुलाकात

रूसी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 21 अगस्त को मॉस्को में जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच अहम बैठक होगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग, द्विपक्षीय रिश्ते और कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी।

पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी

इस वर्ष के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत यात्रा पर आ सकते हैं। ऐसे में जयशंकर-लावरोव मुलाकात में पुतिन की यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा संभव है।

आईआरआईजीसी-टीईसी बैठक में भागीदारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर आईआरआईजीसी-टीईसी की 26वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। यह बैठक 20 अगस्त को रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के निमंत्रण पर आयोजित होगी। इसके अलावा जयशंकर मॉस्को में भारत-रूस व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगे।

मोदी-पुतिन फोन वार्ता के बाद दौरा

जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। पुतिन ने पीएम मोदी को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से हुई मुलाकात के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी।

यह दौरा न सिर्फ भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा बल्कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत की विदेश नीति के नए संतुलन को भी दर्शाता है।

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