अलास्का में ट्रंप-पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात, यूक्रेन युद्ध पर हो सकती है बड़ी डील

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Central News Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को अलास्का में मिलेंगे। यह मुलाकात यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत होने जा रही है और इसे साढ़े तीन साल से चल रहे संघर्ष में संभावित “टर्निंग पॉइंट” माना जा रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात का एलान किया और दावा किया कि सभी पक्ष युद्धविराम के करीब हैं।


पुतिन को आईसीसी गिरफ्तारी से बचाने के लिए चुना गया अलास्का

अलास्का का चयन केवल भूगोल के लिहाज़ से ही नहीं, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी रणनीतिक है। पुतिन पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने यूक्रेन में कथित युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ICC सदस्य देशों में पुतिन को गिरफ्तार करने का कानूनी दायित्व होता, लेकिन अमेरिका ICC का सदस्य नहीं है और इसके अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता। इस तरह, अलास्का में पुतिन सुरक्षित रहेंगे।


भौगोलिक रूप से भी अलास्का सबसे सुविधाजनक

अलास्का की मुख्य भूमि रूस से बेरिंग जलडमरूमध्य के पार केवल 88 किलोमीटर दूर है। इसके कुछ छोटे द्वीप तो इससे भी नजदीक हैं। रूस से भौगोलिक नजदीकी इसे मुलाकात के लिए व्यावहारिक और कम जोखिम वाला विकल्प बनाती है।


पहले रूस के अधीन था अलास्का

अलास्का और रूस का रिश्ता 18वीं शताब्दी से है, जब रूसी साम्राज्य ने यहां बसावट शुरू की थी। 1867 में रूस ने 7.2 मिलियन डॉलर में अलास्का को अमेरिका को बेच दिया। उस वक्त यह सौदा महज दो सेंट प्रति एकड़ की दर से हुआ था।


अमेरिका के लिए आर्थिक और रणनीतिक संपत्ति

अलास्का प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है — सोना, तांबा, मछली, फर और पेट्रोलियम इसके प्रमुख स्रोत हैं। यह एशिया के साथ व्यापार के लिए अमेरिका का एक रणनीतिक गेटवे भी है।


अलास्का का राज्य बनने की कहानी

1959 में अलास्का 49वां अमेरिकी राज्य बना। हालांकि, मूल निवासियों के भूमि अधिकारों पर विवाद 1971 में जाकर सुलझा, जब उन्हें 44 मिलियन एकड़ जमीन और 1 बिलियन डॉलर का मुआवजा मिला। आज यहां करीब 7.4 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 1.2 लाख स्वदेशी हैं।


बैठक में क्या हो सकता है?

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप और पुतिन युद्ध समाप्ति के लिए कुछ क्षेत्रों के आदान-प्रदान पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने साफ कहा है कि वे अपने संविधान का उल्लंघन कर किसी भी जमीन को “उपहार” में नहीं देंगे।

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