पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार का भावुक विदाई संदेश: “जूते उतारे तो दिल कृतज्ञता से भर गया”
सीएम योगी के भरोसेमंद अफसर को मिल सकती है नई अहम जिम्मेदारी, विदाई पोस्ट में जताया गर्व और आभार
Central News Desk: उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने शनिवार, 31 मई को सेवा निवृत्त होने के बाद रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक विदाई पोस्ट साझा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में सहयोगियों, पुलिस बल और प्रदेश की जनता के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
“इस पद को बिना किसी पछतावे के गर्व के साथ छोड़ रहा हूं,” उन्होंने लिखा।
“31 मई को घर लौटकर जब अपने जूते उतारे, तो दिल गर्व, कृतज्ञता और अपनेपन की भावना से भर गया।”
प्रशांत कुमार ने अपने संदेश में लिखा कि यह सिर्फ विदाई नहीं, बल्कि रुककर चिंतन करने और सेवा की इस असाधारण यात्रा में सभी साथियों को धन्यवाद देने का क्षण है।
पुलिस बल की सच्ची आत्मा को सलाम
उन्होंने पुलिस बल के उन सिपाहियों और अधिकारियों को खासतौर पर नमन किया, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी निभाते हैं।
“वह सिपाही जो बारिश में ट्रैफिक संभालता है या वह अधिकारी जो रातभर केस सुलझाने में जुटा रहता है — यही इस पुलिस बल की असली आत्मा हैं।”
प्रशांत कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान त्रासदी, विजय और परिवर्तन के कई पड़ाव देखे। उन्होंने लिखा कि उन्होंने साइबर क्राइम जैसे नए अपराधों से निपटने के साथ-साथ पुलिसिंग को आधुनिक बनाया और जनता का विश्वास भी जीता।

“यूनीफॉर्म अस्थायी है, ड्यूटी हमेशा है”
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा —
“यूनीफॉर्म अस्थायी है, लेकिन ड्यूटी हमेशा रहती है।”
कार्यकाल में अपराधियों पर कसा शिकंजा
प्रशांत कुमार का 14 महीने का डीजीपी कार्यकाल माफिया और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए याद किया जाएगा। मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर उन्होंने सरकार की माफिया मुक्त प्रदेश की नीति को जमीन पर उतारा।
महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा जैसे ऐतिहासिक आयोजनों में उत्तर प्रदेश पुलिस की भूमिका के लिए भी उन्होंने नई मिसाल कायम की।

सीएम योगी के विश्वस्त अफसर को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
पूर्व एडीजी लॉ एंड ऑर्डर और मेरठ जोन के एडीजी के तौर पर भी उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा। यही कारण है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरोसेमंद अधिकारी माना जा रहा है। चर्चाओं के मुताबिक, प्रशांत कुमार को कोई नई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
