यूपी बोर्ड की नई मार्कशीट फाड़ना नामुमकिन, नकली बनाना असंभव

0
WhatsApp Image 2026-02-22 at 12.10.59 AM

CENTRAL NEWS DESK: देश के सबसे बड़े परीक्षा बोर्डों में शुमार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड ने अपनी मार्कशीट को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षाओं से छात्रों को जो नई मार्कशीट दी जा रही है, वह अब साधारण कागज का टुकड़ा नहीं बल्कि हाई-सेक्योरिटी डॉक्यूमेंट बन चुकी है। बोर्ड का दावा है कि यह नई मार्कशीट न हाथ से फटेगी, न पानी में गल जाएगी और न ही आसानी से नकली बनाई जा सकेगी। शिक्षा जगत में इसे “सुपरहीरो मार्कशीट” कहा जा रहा है।

अमिट मार्कशीट, जो जिंदगी भर साथ निभाएगी

बोर्ड मुख्यालय में जब नई मार्कशीट की खेप पहुंची तो अधिकारियों ने खुद इसकी मजबूती का परीक्षण किया। बताया जा रहा है कि बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सार्वजनिक रूप से इसे फाड़कर दिखाने की चुनौती दी। यहां तक कि 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, लेकिन कोई भी इसे हाथ से फाड़ने में सफल नहीं हुआ। यह मार्कशीट विशेष सिंथेटिक फाइबर और हाई-ग्रेड सिक्योरिटी पेपर से तैयार की गई है। इसे पानी में डुबोकर देखने पर भी कागज नहीं गलता। साबुन से धोने पर भी छपाई और रंगों की चमक बरकरार रहती है।

सबसे खास बात यह है कि इसे लैमिनेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यह मार्कशीट 70-80 वर्षों तक सुरक्षित रह सकती है।

धूप टेस्ट से खुलेगी असली-नकली की पोल

नई मार्कशीट की सबसे अनोखी विशेषता इसका यूवी सिक्योरिटी फीचर है। यदि इसे एक मिनट के लिए धूप या अल्ट्रावायलेट लाइट में रखा जाए तो लाल रंग में “माध्यमिक शिक्षा परिषद” का लोगो चमकने लगता है। यह फीचर नकली मार्कशीट बनाने वालों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा। यदि कोई फर्जी दस्तावेज तैयार करता है तो उसमें यह यूवी रिएक्शन नहीं दिखेगा और तुरंत उसकी पहचान हो जाएगी।

इसके अलावा माइक्रो-टेक्स्ट, क्यूआर कोड और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम भी जोड़ा गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही छात्र का पूरा विवरण बोर्ड के आधिकारिक सर्वर पर दिखेगा।

फर्जीवाड़े पर कड़ा प्रहार

पिछले कुछ वर्षों में फर्जी मार्कशीट के कई मामले सामने आए थे। नौकरी, एडमिशन और सरकारी सेवाओं में जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल बड़ी समस्या बनता जा रहा था। नई हाई-सेक्योरिटी मार्कशीट के जरिए बोर्ड ने इस समस्या पर सीधा प्रहार किया है। अब किसी भी विश्वविद्यालय या संस्था के लिए मार्कशीट की सत्यता जांचना बेहद आसान होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल छात्रों के हित में है बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर बन रही मिसाल

यूपी बोर्ड देश का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड माना जाता है, जिसमें हर साल लाखों छात्र परीक्षा देते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षित और टिकाऊ मार्कशीट उपलब्ध कराना एक बड़ी उपलब्धि है। अन्य राज्य बोर्ड और विश्वविद्यालय भी इस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई शैक्षणिक संस्थान इसी तरह की सिक्योरिटी फीचर्स वाली मार्कशीट अपनाएंगे।

छात्रों के लिए राहत

नई मार्कशीट से छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी। अक्सर देखा जाता था कि वर्षों बाद नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए दस्तावेज निकालने पर वे फटे या खराब हो जाते थे। अब यह समस्या खत्म हो जाएगी। पानी, धूप या सामान्य उपयोग से मार्कशीट खराब नहीं होगी। इससे छात्रों को बार-बार डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *