ट्रम्प के मैसेज लीक करने पर मैक्रों का जवाब: “रिश्तों में सम्मान जरूरी”

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CENTRAL NEWS DESK: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बेहद जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए निजी मैसेज सार्वजनिक कर दिए।

भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा कि कूटनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन उसे सम्मानजनक तरीके से व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर ट्रम्प का नाम नहीं लिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि “कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाय पीछे जाते दिख रहे हैं।”

प्राइवेट मैसेज लीक होने पर क्या बोले मैक्रों

मैक्रों से पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर उन्होंने कहा कि देशों के बीच भरोसा और सम्मान सबसे अहम होता है।

उन्होंने कहा:

“आप सहमत हों या असहमत, लेकिन अपने विचार सम्मान के साथ रखें। असहमति गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए।”

ट्रम्प ने 20 जनवरी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मैक्रों का एक निजी मैसेज शेयर किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाया था और कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे कि ट्रम्प क्या करना चाहते हैं। मैक्रों ने साथ मिलकर काम करने और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव भी दिया था। उन्होंने यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को बातचीत में शामिल करने की बात कही थी।

“हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं”

मैक्रों ने इंटरव्यू में लोकतंत्र पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार है, इसलिए हिंसा और अपमान की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसक राजनीति के खिलाफ लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। जब उनसे पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका की मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में यह हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाय पीछे जाते दिख रहे हैं।

200% टैरिफ की धमकी से बढ़ा विवाद

दोनों नेताओं के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी. यह विवाद तब शुरू हुआ जब फ्रांस ने गाजा के विकास के लिए बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का स्पष्ट जिक्र नहीं है। टैरिफ की धमकी के बाद ट्रम्प ने निजी मैसेज भी सार्वजनिक कर दिए, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई।

फ्रांस: दुनिया की वाइन राजधानी

फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। यहां रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन बड़े पैमाने पर बनाई जाती हैं। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार 2025 में दुनिया भर में लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर वाइन का उत्पादन हुआ, जिसमें फ्रांस का हिस्सा करीब 3.59 खरब मिलीलीटर रहा, यानी वैश्विक उत्पादन का लगभग 15–16%. इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है। ऐसे में अमेरिकी टैरिफ की धमकी फ्रांस की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है।

ट्रम्प-मैक्रों के बीच पहले भी टकराव

दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं:

  • NATO और डिफेंस खर्च को लेकर बयानबाजी
  • डिजिटल टैक्स विवाद
  • ईरान परमाणु समझौता (JCPOA)
  • पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट से अमेरिका का बाहर होना

मैक्रों ने 2017 में अमेरिका के पेरिस क्लाइमेट समझौते से बाहर होने पर खुलकर विरोध किया था। वहीं ट्रम्प ने NATO में यूरोपीय देशों के खर्च पर सवाल उठाए थे।

कूटनीति में भरोसे की परीक्षा

ताजा घटनाक्रम ने अमेरिका और फ्रांस के रिश्तों में नई बहस छेड़ दी है। निजी मैसेज लीक होना कूटनीतिक परंपराओं के खिलाफ माना जाता है। मैक्रों का बयान यह संकेत देता है कि वे सार्वजनिक टकराव से बचते हुए सम्मान और संवाद की भाषा को प्राथमिकता देना चाहते हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है और क्या दोनों देश अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझा पाते हैं या नहीं।

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