हनुक्का के दिन सिडनी के बॉन्डी बीच पर खूनखराबा, इजरायल ने ऑस्ट्रेलिया को घेरा

0
Sydney-Bondi-Beach

फिलिस्तीन मान्यता पर भी उठे सवाल

DELHI NEWS DESK: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदियों के आठ दिवसीय पर्व हनुक्का के पहले दिन हुई भीषण गोलीबारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। इस हमले में 10 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इजरायल ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर तीखा हमला बोला है और यहूदी-विरोधी हिंसा को लेकर उसे “होश में आने” की चेतावनी दी है।

इजरायल के विदेश मंत्री का तीखा बयान

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस हमले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नाराजगी जाहिर की। खास बात यह रही कि उन्होंने यह पोस्ट हिब्रू नहीं, बल्कि अंग्रेजी में की, ताकि दुनिया तक संदेश पहुंचे।
उन्होंने लिखा कि सिडनी में हनुक्का कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी “चौंकाने वाली” है और यह पिछले दो वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती यहूदी-विरोधी हिंसा का नतीजा है।
सार ने आरोप लगाया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार को पहले से खतरे के संकेत मिल रहे थे, लेकिन उसने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया।

‘इंतिफादा को ग्लोबलाइज करो’ जैसे नारों पर चिंता

गिदोन सार ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर लगाए गए यहूदी-विरोधी और भड़काऊ नारे, जैसे “इंतिफादा को ग्लोबलाइज करो”, अब हिंसा में बदल चुके हैं।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कैनबरा को यहूदी-विरोध से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं।

फिलिस्तीन को मान्यता पर इजरायल का सीधा आरोप

इस हमले को लेकर इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने और भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि यह हमला ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीन को अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के फैसले का परिणाम है।
बेन ग्विर ने कहा “यहूदी-विरोधी आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन मारे गए लोगों का खून ऑस्ट्रेलियाई सरकार के हाथों पर है, जिसने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देकर यहूदियों के खिलाफ आतंकवाद को वैधता दी।”

हमले का भयावह मंजर

यह वारदात रविवार शाम 6:30 से 6:45 बजे (स्थानीय समय) के बीच हुई, जब बॉन्डी बीच पर सैकड़ों लोग मौजूद थे।
यह हमला “चानुका बाय द सी” नामक हनुक्का कार्यक्रम के दौरान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काले कपड़ों में दो हमलावरों ने राइफल या शॉटगन से ताबड़तोड़ फायरिंग की।
एनएसडब्ल्यू एंबुलेंस सर्विस के मुताबिक, 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ती चिंता

इस हमले ने एक बार फिर यहूदी समुदाय की सुरक्षा, धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था और फिलिस्तीन-इजरायल विवाद के वैश्विक प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इजरायल ने साफ संकेत दिया है कि वह ऑस्ट्रेलिया से यहूदी-विरोधी हिंसा पर सख्त कदम उठाने की उम्मीद करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *