स्टेट बैंक में बड़ा घोटाला: निष्क्रिय खाते से फर्जी KYC के जरिए निकाले गए 14.60 लाख रुपये, अब तक नहीं हुई FIR
bank
Kanpur News: कानपुर के माल रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पर्सनल बैंकिंग ब्रांच (PBB) में एक निष्क्रिय खाते को फर्जी केवाईसी (KYC) के ज़रिए सक्रिय कर 14.60 लाख रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि घोटाले का खुलासा होने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
मुख्य बिंदु:
- वर्ष 2022 से निष्क्रिय खाते को 25 मार्च 2025 को फर्जी KYC से किया गया सक्रिय
- 1 मई को बैंक के मुख्य महाप्रबंधक को गुमनाम पत्र से मिली जानकारी
- 11 अप्रैल को खाते में रुपये लौटाए गए, 15 अप्रैल को खाता दोबारा निष्क्रिय किया गया
- मामले की जांच लखनऊ और कानपुर के अधिकारी कर रहे हैं
- 10 साल पहले भी लाटूश रोड शाखा में हुआ था ऐसा ही मामला

घोटाले की पूरी कहानी
सूत्रों के अनुसार, शिरोमणि यादव (निवासी – कटरी बिठूर कला, कानपुर नगर) के निष्क्रिय बैंक खाते (संख्या 11022343963) से फर्जी दस्तावेज़ों की मदद से 14.60 लाख रुपये निकाल लिए गए। बताया गया कि इस योजना में बैंक के उप प्रबंधक स्तर के अधिकारी और एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के एक पदाधिकारी भी शामिल थे।
फर्जी ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से खाता 25 मार्च को सक्रिय कराया गया और रकम निकालने के बाद 11 अप्रैल को खाते में रुपये लौटा दिए गए। इसके बाद 15 अप्रैल को खाते को दोबारा निष्क्रिय कर दिया गया।
FIR न होने से सवालों के घेरे में उच्च प्रबंधन
हालांकि, इस पूरे मामले की जानकारी बैंक अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और आंतरिक जांच भी शुरू हो गई है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इससे बैंक के उच्च प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
