भारत-फ्रांस मेगा डील: 114 राफेल में 24 होंगे ‘सुपर राफेल’ F-5, 2030 के बाद शुरू होगी सप्लाई

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CENTRAL NEWS DESK: भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बड़ी डील पर सहमति बनने जा रही है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए के इस रक्षा सौदे पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रॉ की भारत यात्रा के दौरान मुहर लग सकती है। इन 114 विमानों में से 24 ‘सुपर राफेल’ होंगे, जिन्हें फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन एफ-5 नाम से विकसित कर रही है। इनकी डिलीवरी 2030 के बाद शुरू होने की संभावना है।

Image Credit: ANI

अभी वायुसेना के पास F-3 राफेल

भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल F-3 स्टैंडर्ड के 36 राफेल विमान हैं, जो 4.5 जेनरेशन के माने जाते हैं। इनमें स्टेल्थ फीचर्स और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता है। नई डील के तहत पहले F-4 वर्जन की आपूर्ति 2028-29 से शुरू होगी। इसके बाद F-5 श्रेणी के सुपर राफेल मिलेंगे। यूरोपीय मानकों के अनुसार F-5 को अगली पीढ़ी (छठी जेनरेशन के करीब) का फाइटर जेट माना जा रहा है।


F-35 और सुखोई-57 से भी एडवांस

वायुसेना सूत्रों के मुताबिक, सुपर राफेल तकनीक और क्षमता के मामले में अमेरिका के एफ-35 और रूस के सुखोई-57 से भी अधिक उन्नत होंगे। सौदे के तहत 88 सिंगल-सीटर और 26 डबल-सीटर विमान शामिल होंगे, जिन्हें ट्रेनिंग और कॉम्बैट दोनों भूमिकाओं में इस्तेमाल किया जा सकेगा।


96 विमान भारत में बनेंगे

कुल 114 में से 18 विमान फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे, जबकि 96 का निर्माण भारत में किया जाएगा। इनमें 55–60% तक स्वदेशी कलपुर्जे इस्तेमाल होने की उम्मीद है।

यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होगा। Dassault Reliance Aerospace Limited में डसॉल्ट की हिस्सेदारी 51% हो चुकी है। इंजन निर्माता Safran और एवियोनिक्स कंपनी Thales Group भी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा होंगी।

रक्षा बजट के लिए 7.8 लाख करोड़ मिले

प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, नए राफेल विमानों से एयर डिफेंस और सीमावर्ती इलाकों में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी।


अन्य रक्षा सौदे भी मंजूर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने नौसेना के लिए अमेरिकी बोइंग P-8I समुद्री टोही विमान, कॉम्बैट मिसाइलें और हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स की खरीद को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा, भारतीय तटरक्षक बल के लिए 8 डोर्नियर 228 विमान हिंदुस्तान एरोनॉटिक लिमिटेड से 2,312 करोड़ रुपए में खरीदे जाएंगे।

रक्षा बजट में बढ़ोतरी

केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 14.67% है। पूंजीगत खरीद के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 24% अधिक है।

वायुसेना की मौजूदा तैयारी

भारतीय वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल विमान हैं, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट का ऑर्डर दिया है। अंबाला एयरबेस पर ट्रेनिंग और MRO सेंटर पहले से संचालित है, जिससे नए स्क्वाड्रन शामिल करने में सुविधा होगी।

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