अनंत सिंह ने कहा – “गोली मार दो”… मोकामा हत्याकांड की FIR में चौंकाने वाले खुलासे
IMAGE CREDIT: BBC
14 दिन की न्यायिक हिरासत में विधायक
BIHAR NEWS DESK: बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान हुई गोलीबारी की घटनाओं ने पूरे राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया है। इन वारदातों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में जो बातें सामने आई हैं, वे न सिर्फ हैरान करने वाली हैं बल्कि राजनीतिक टकराव की गंभीरता को भी उजागर करती हैं।
पहली FIR — अनंत सिंह के प्रचारक पर हमला
पहली एफआईआर जितेंद्र कुमार ने दर्ज कराई है, जो जेडीयू विधायक अनंत सिंह के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे।
एफआईआर के अनुसार, 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे, वे बाढ़ थाना क्षेत्र के ढोलक गांव के पास प्रचार में जुटे थे। तभी कमलेश महतो, लल्लू महतो, महा सती, जितेंद्र महतो, गंगाराम महतो, सागर महतो, देवेन्द्र महतो, शिवा हरिहरपुरवाला, भोला महतो समेत कई लोग हथियारों के साथ पहुंचे।
उन्होंने जितेंद्र कुमार को सूरजभान सिंह का प्रचार बंद करने की धमकी दी। एफआईआर के मुताबिक, हमलावरों ने राइफल और पिस्तौल से हवाई फायरिंग की, लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले में जितेंद्र और उनके साथियों को चोटें आईं।
दूसरी FIR — “अनंत ने कहा, गोली मारो”
दूसरी एफआईआर नित्यानंद कुमार द्वारा दर्ज कराई गई है, जो मोकामा से प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचारक हैं। उनके अनुसार, 30 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे, जब वे प्रचार के लिए जा रहे थे, तभी अनंत सिंह, राजवीर सिंह और कमलेश सिंह ने उनकी गाड़ी बभनगामाचक गांव के पास रोक ली।
एफआईआर में दर्ज बयान के मुताबिक —
“अनंत सिंह ने कहा, गोली मार दो!”
इसके बाद राजवीर सिंह और कमलेश सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नित्यानंद कुमार के बाएं हाथ में गोली लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
दर्ज हुईं ये गंभीर धाराएं
पुलिस ने दोनों एफआईआर को आधार बनाकर भारतीय दंड संहिता (IPC) और आर्म्स एक्ट के तहत कई गंभीर धाराएं लगाई हैं —
- IPC धारा 302 – हत्या
- IPC धारा 307 – हत्या का प्रयास
- IPC धारा 147/148/149 – दंगा और घातक हथियारों से हमला
- IPC धारा 120B – आपराधिक साजिश
- IPC धारा 323/324 – जानबूझकर चोट पहुंचाना
- IPC धारा 506 – जान से मारने की धमकी
- आर्म्स एक्ट की धाराएं – अवैध हथियार रखने और चलाने का अपराध
विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना के बाद 1 नवंबर की देर रात मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके दो सहयोगी — मणिकांत ठाकुर और रणजीत राम को भी हिरासत में लिया गया।
2 नवंबर को तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और सबूत इकट्ठा कर रही है।
संभावित सज़ा और कानूनी प्रक्रिया
अगर अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं तो अभियुक्तों को भारी सज़ा मिल सकती है —
- धारा 302 (हत्या): आजीवन कारावास या मृत्युदंड
- धारा 307 (हत्या का प्रयास): 10 साल से आजीवन कारावास
- आर्म्स एक्ट: अवैध हथियार रखने और उपयोग करने पर कई वर्षों की कैद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना ने मोकामा और आसपास के इलाकों में राजनीतिक तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी हुई है।
राजनीतिक पारा चढ़ा
मोकामा में हुई गोलीबारी अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। विपक्ष जहां कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है,
news Journalist
