नरेंद्र मोदी की चेतावनी: ईरान जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम, बोले- टीम इंडिया की तरह काम करना होगा
CENTRAL NEWS DESK: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर राज्यसभा में मंगलवार को अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल की जंग जारी रहती है, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने इसे आने वाले समय में भारत के लिए “सबसे बड़ी परीक्षा” बताया और कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए पूरे देश को टीम इंडिया की तरह एकजुट होकर काम करना होगा।
होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय, व्यापार पर असर
पीएम मोदी ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज और क्रू फंसे हुए हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस संकट के कारण भारत के व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं, जिससे तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई पर असर पड़ा है।
लोकसभा में भी दिया था बयान
इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने लोकसभा में भी करीब 25 मिनट का संबोधन दिया था। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक बना रह सकता है और भारत को इसके लिए पहले से तैयार रहना होगा। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि देश ने एकजुट होकर पहले भी बड़ी चुनौतियों का सामना किया है।
पीएम मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें
1. राज्य सरकारों से अपील
संकट के समय गरीबों और श्रमिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों से कहा कि पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचता रहे। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
2. किसानों को भरोसा
सरकार आने वाले बुआई सीजन के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। पीएम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि हर चुनौती में सरकार उनके साथ खड़ी है।
3. महंगाई और सप्लाई चेन पर फोकस
सरकार ने कोरोना काल की तरह 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए हैं, जो पेट्रोल-डीजल, गैस, फर्टिलाइजर और महंगाई जैसे मुद्दों पर त्वरित फैसले लेंगे।
4. होर्मुज संकट पर चिंता
पीएम ने कहा कि वैश्विक जहाजों के साथ भारतीय क्रू भी फंसे हुए हैं। इस तरह के हमले और समुद्री रास्तों में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत कूटनीतिक प्रयासों के जरिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।
5. विदेशों में फंसे भारतीयों को संदेश
सरकार के मुताबिक जंग शुरू होने के बाद अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। ईरान से भी 1000 से ज्यादा लोग लौटे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं।
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