अमेरिका इमिग्रेशन ऑपरेशन: ट्रंप Vs गवर्नर टकराव
CENTRAL NEWS DESK: मेरिका के मिनेसोटा राज्य की राजधानी मिनियापोलिस में यूनियन इमिग्रेशन अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान हुई गोलीबारी में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। इस घटना के बाद राज्य में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ट्रंप प्रशासन के आक्रामक इमिग्रेशन कैंपेन के तहत हुई यह दूसरी मौत बताई जा रही है, जिसने राज्य और केंद्र सरकार के बीच सियासी टकराव को और गहरा कर दिया है।
गवर्नर टिम वाल्ज का तीखा हमला
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज (टिम वाल्ज) ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “घिनौना” करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मांग की कि राज्य में तैनात हजारों संघीय एजेंटों को तुरंत वापस बुलाया जाए। गवर्नर ने कहा कि ये एजेंट “हिंसक और अप्रशिक्षित” हैं और उनकी मौजूदगी मिनेसोटा की शांति और नागरिक अधिकारों के लिए खतरा बन चुकी है।
सोशल मीडिया पर गवर्नर का बयान
गवर्नर वाल्ज ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“मिनेसोटा ने अब बहुत सह लिया है। यह बीमार करने वाला है। राष्ट्रपति को इस ऑपरेशन को तुरंत खत्म करना चाहिए। हजारों हिंसक, अप्रशिक्षित अधिकारियों को हमारे राज्य से बाहर निकालो।”
उन्होंने यह भी बताया कि गोलीबारी की सूचना मिलते ही उन्होंने व्हाइट हाउस से संपर्क कर हालात पर चर्चा की।
घटना का पूरा विवरण
यह गोलीबारी दक्षिण मिनियापोलिस में 26th स्ट्रीट और निकोलेट एवेन्यू के पास हुई।
एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्राप्त अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक, पीड़ित 51 वर्षीय पुरुष था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
डीएचएस का पक्ष
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने कहा कि मारे गए व्यक्ति के पास दो मैगज़ीन वाली बंदूक थी। डीएचएस ने घटनास्थल से बरामद हथियार की तस्वीर भी जारी की है और कहा है कि स्थिति “लगातार बदल रही” थी।
वीडियो फुटेज से बढ़ा आक्रोश
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए वीडियो फुटेज में दिखता है कि संघीय एजेंट एक व्यक्ति को जमीन पर पटकते हैं, उसके साथ संघर्ष होता है और फिर गोली चलती है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने अधिकारियों को “कायर” कहकर गालियां दीं और “घर जाओ” के नारे लगाए। एक अधिकारी के “रोओ, रोओ” कहकर मज़ाक उड़ाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिससे जनता का गुस्सा और भड़क गया।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह घटना 7 जनवरी को हुई रेनी गुड नाम की 37 वर्षीय महिला की मौत के बाद सामने आई है। उस मामले में एक आईसीई अधिकारी ने उनके वाहन पर गोली चलाई थी।
उस घटना के बाद से ही ट्विन सिटीज इलाके में रोज़ाना बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर उतरकर संघीय अधिकारियों को राज्य छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
वाशिंगटन की चुप्पी
फिलहाल वाशिंगटन की ओर से गवर्नर की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, बढ़ते विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख अहम माना जा रहा है।
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