Ladakh Protest Live: लेह में हिंसा के बीच कर्फ्यू, लद्दाख महोत्सव रद्द, 4 की मौत
Central News Desk: लद्दाख में छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा और क्षेत्र को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर जारी बंद और बड़े प्रदर्शन के दौरान लेह जिले में हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस को आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में आग भी लगा दी।
कर्फ्यू और धारा 144 लागू
- लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने हिंसा और जानमाल की हानि रोकने के लिए लेह में कर्फ्यू लगाया।
- इसके साथ ही जिले में धारा 144 लागू कर दी गई, जिसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। अब बिना अनुमति कोई जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जा सकता।
हिंसा में हुई जानमाल की हानि
अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत हुई और कम से कम 59 लोग घायल हुए, जिनमें 22 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया।
भूख हड़ताल और सोनम वांगचुक का बयान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो भूख हड़ताल पर बैठे थे, ने लेह में हिंसा पर दुख व्यक्त किया और शांति बनाए रखने का आह्वान किया। गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सोनम वांगचुक ने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया, लेकिन वे किसी गंभीर प्रयास के बिना अपने गांव चले गए।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एनसी के विधायक तनवीर सादिक ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य की मांग बहाल न करना जनता के साथ नाइंसाफी है।
- उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्टेटहुड बहाल नहीं किया गया क्योंकि बीजेपी चुनाव नहीं जीत पाई।
प्रदर्शन और आगजनी
- प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम की और पुलिस पर पत्थरबाजी की।
- बीजेपी कार्यालय के बाहर सुरक्षा वाहन को आग के हवाले कर दिया गया।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
लद्दाख महोत्सव रद्द
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चार दिवसीय लद्दाख महोत्सव के अंतिम दिन का कार्यक्रम रद्द कर दिया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने कहा कि स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक समूहों और पर्यटकों के लिए यह निर्णय आवश्यक था।
भूख हड़ताल पर बैठे वरिष्ठ नागरिकों की तबीयत बिगड़ी
लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय की अगली बैठक 6 अक्तूबर को प्रस्तावित है। इसके बीच भूख हड़ताल पर बैठे दो वरिष्ठ नागरिकों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये लोग 10 सितंबर से भूख हड़ताल पर थे।
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