MIDDLE EAST WAR: कुवैत में यूएस एंबेसी पर ड्रोन हमला, तेहरान पर इजराइल की नई स्ट्राइक
CENTRAL NEWS DESK: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कुवैत स्थित यूएस एंबेसीपर ड्रोन हमला हुआ है, जिसकी पुष्टि राजनयिक सूत्रों ने की है। दूतावास परिसर से धुआं उठता देखा गया और अमेरिकी मिशन ने चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से वहां न आने को कहा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले कर रहा है। दूसरी ओर इज़राइल ने तेहरान पर नई एयर स्ट्राइक शुरू कर दी है और राजधानी के कई हिस्सों में निकासी चेतावनी जारी की गई है। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर दिखने लगा है।
कुवैत में अमेरिकी एंबेसी पर सीधा हमला
समाचार एजेंसी AFP के अनुसार तीन राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि कुवैत में अमेरिकी दूतावास को कई ड्रोन ने निशाना बनाया। एक पश्चिमी राजनयिक ने बताया कि इमारत को नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद दूतावास की ओर से अलर्ट जारी कर कहा गया कि कुवैत के ऊपर मिसाइल और यूएवी हमलों का खतरा बना हुआ है। हालांकि अब तक किसी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

तेहरान पर इज़राइल की नई एयर स्ट्राइक
इज़राइली सेना ने घोषणा की है कि उसने तेहरान में हमलों की नई लहर शुरू की है। हमले से पहले राजधानी के कुछ इलाकों में निकासी चेतावनी जारी की गई, खासतौर पर ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के मुख्यालय के आसपास। रिपोर्टों के अनुसार रणनीतिक संचार और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज बंद, तेल बाजार में उछाल
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने घोषणा की है कि उसने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई और कई शिपिंग कंपनियों ने अपने रूट बदलने शुरू कर दिए हैं।
अमेरिका का बयान: ‘प्री-एम्पटिव’ कार्रवाई
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि उसे आशंका थी कि इज़राइल पर हमले के बाद ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई संभावित खतरे को रोकने के लिए की गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य शासन परिवर्तन नहीं है, बल्कि ईरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना है।
स्कूल पर हमले का आरोप, जांच जारी
ईरान ने आरोप लगाया है कि संयुक्त हमले में एक स्कूल को निशाना बनाया गया जिसमें 168 लोगों की मौत हुई। अमेरिकी प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके लक्ष्य केवल सैन्य ठिकाने हैं। पेंटागन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की आशंका बढ़ गई है। लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर में भी इज़राइल ने निकासी चेतावनी जारी की है। वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है।
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