बसों में उमड़ा बहनों का हुजूम, छोटे रूटों पर दौड़ाई गईं लंबे रूट की 60 बसें

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दूसरे दिन 90 हजार से ज्यादा महिला व सहयात्रियों ने रोडवेज की निशुल्क बस सेवा का लाभ लिया।

CEntral News Desk: रक्षाबंधन के दिन शनिवार को निशुल्क बस सेवा का लाभ लेने के लिए बस अड्डों पर बहनों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ बढ़ने पर रोडवेज को लंबे रूट की 60 बसें रद्द कर छोटे रूट पर लगानी पड़ी। दूसरे दिन 90 हजार महिलाओं ने निशुल्क बस सेवा का लाभ लिया। इनमें सिटी सीएनजी व ई-बसों में यात्रा करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं।

रक्षाबंधन पर्व पर बहनों को सुगम परिवहन सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने 10 अगस्त की रात 12 बजे तक महिला व एक सहयात्री को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। परिवहन निगम ने कानपुर रीजन में 677 राेडवेज बसों, 84 ई-बसों और 60 सीएनजी बसों को रूट पर उतारा है। रक्षाबंधन के दिन शनिवार सुबह आगरा, दिल्ली, गोरखपुर, रायबरेली, कन्नौज, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी, मैनपुरी, प्रयागराज रूट पर महिला यात्रियों की भीड़ बढ़ने से बसें कम पड़ गईं

किदवई नगर और आजाद नगर डिपो में रिजर्व में खड़ी बसों को बुलवाकर सर्वाधिक मांग वाले रूटों पर भेजा गया। स्थिति यह थी कि झकरकटी, रावतपुर बस अड्डे पर महिलाओं को आधे से डेढ़ घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा।

गेट से नहीं घुस पाए, खिड़की से अंदर गए
झकरकटी बस अड्डे पर भीड़ इस कदर थी कि अतिरिक्त बसें चलाने के बाद भी यात्रियों को बस में जगह नहीं मिल रही थी। यात्री बस में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। गेट से नहीं घुस पाए तो खिड़कियों का सहारा लेकर अंदर गए। कुछ महिलाओं को बसों में घुसने की जगह नहीं मिली तो ड्राइवर की सीट से चढ़कर बस में घुस गई। बच्चों को खिड़की से अंदर बैठाया।

देर रात तक लगा रहा जाम
झकरकटी पर भीड़ बढ़ने का असर टाटमिल से आगे तक दिखा। बस अड्डे के बाहर से लेकर टाटमिल के आगे तक लोगों को जाम में जूझना पड़ा। इस कारण घंटाघर और बाबूपुरवा की तरफ भी जाम लग गया। यातायात पुलिस जाम हटवाने में जुटी रही।

लखनऊ, गोरखपुर, रायबरेली, कन्नौज, मैनपुरी, वाराणसी व प्रयागराज रूट पर बसों की सबसे ज्यादा मांग रही। भीड़ को देखते हुए रिजर्व में खड़ी बसों को बुलवाकर 15-15 मिनट और दिल्ली के लिए आधा घंटा के अंतराल पर चलवाया गया। भीड़ को संभालने के लिए सचल दल व बस अड्डा पर अतिरिक्त स्टाफ लगा रहा। – पंकज तिवारी, एआरएम, झकरकटी बस अड्डा

भीड़ को देखते हुए लंबे रूट की बसों के फेरे कम कर उन्हें छोटे रूट पर लगाया गया। पहले दिन 70 तो दूसरे दिन 90 हजार महिलाओं ने निशुल्क बस सेवा का लाभ लिया। जिस रूट पर भीड़ ज्यादा थी वहां अतिरिक्त बसें चलाई गई। – महेश कुमार, आरएम, रोडवेज

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