कानपुर का ‘चांदबाबा दरबार’ ध्वस्त — डकैती, रंगदारी और कब्जे में अधिवक्ता सलाखों तक

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Central News Desk: ग्वालटोली थाना क्षेत्र में एक निजी क्लब निर्माण के ठेकेदार को बंधक बनाकर पीटने और लूटपाट करने के आरोप में अधिवक्ता अखिलेश दुबे, उनके सहयोगी लवी मिश्रा समेत कई अन्य पर डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ है। ठेकेदार सैफ की शिकायत के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई।

पहले से दर्ज कई मामले
अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा पर बीते चार दिनों में किदवईनगर, कल्याणपुर और कोतवाली थानाक्षेत्र में पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें 2021 में स्वरूपनगर के एक होटल कारोबारी से झूठे केस में फंसाकर 2.5 करोड़ रुपये वसूलने का मामला भी शामिल है।

भाजपा नेता की जान को खतरा
भाजपा नेता रवि सतीजा, जिन्होंने सबसे पहले अखिलेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी और परिवार की सुरक्षा मांगी है। उनका आरोप है कि अखिलेश दुबे उन्हें फिर से झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं या हमला करवा सकते हैं।

अवैध कब्जों और भ्रष्ट नेटवर्क की जांच
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के सचिव ने स्वीकार किया कि विभाग में उन जमीनों की फाइलें नहीं मिल रहीं, जिन पर अखिलेश दुबे ने अवैध कब्जा कर इमारतें खड़ी कर दीं। जांच में नगर निगम, केडीए और पुलिस विभाग के 13 संदिग्ध कर्मियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की तैयारी है।

गंभीर आपराधिक नेटवर्क का आरोप
पुलिस के अनुसार, अखिलेश दुबे के “दरबार” में शहर और बाहर के कई अपराधी नियमित आते थे, जहां “चांदबाबा” कोडनेम से बैठकों का आयोजन होता था।

अगली कोर्ट पेशी
ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में अखिलेश दुबे को 14 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी उनके खिलाफ लगातार साक्ष्य जुटा रही है और न्यायिक रिमांड की प्रक्रिया जारी है।

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