भारत-पाकिस्तान मैच पर सियासी घमासान: विपक्ष का विरोध, सरकार ने ICC नियमों का दिया हवाला
Sport News Desk: एशिया कप 2025 में 14 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर देशभर में सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों से लेकर शहीदों के परिजनों तक, सभी इस मैच का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, तब तक उससे किसी भी स्तर पर क्रिकेट या संवाद नहीं होना चाहिए।
केजरीवाल का केंद्र पर हमला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने एक्स पर लिखा—“प्रधानमंत्री जी को पाकिस्तान के साथ मैच करवाने की आखिर क्या जरूरत है? सारा देश कह रहा है कि मैच नहीं होना चाहिए। क्या यह भी ट्रंप के दबाव में किया जा रहा है?”
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय महिलाओं का मजाक उड़ाया। भारद्वाज ने कहा कि “केंद्र सरकार तुरंत भारतीय टीम को दुबई से वापस बुलाए, वरना दिल्ली में रेस्टोरेंट्स और क्लबों में पाकिस्तान का मैच दिखाने वालों का विरोध किया जाएगा।”

उद्धव ठाकरे का ऐलान – महाराष्ट्रभर में प्रदर्शन
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मैच को “राष्ट्रीय भावना का अपमान” बताया। उन्होंने कहा कि “जब सीमा पर हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, तब पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना देशभक्ति का मजाक है।” ठाकरे ने अपने पिता बाल ठाकरे का उदाहरण देते हुए कहा कि “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देगा, तब तक भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संभव नहीं।” उन्होंने महाराष्ट्रभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया।

प्रियंका चतुर्वेदी का सवाल
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी मैच का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही बीसीसीआई को पत्र लिखा था। उनका सवाल था—“अगर हमने ठाना था कि पाकिस्तान से न बातचीत होगी, न व्यापार, तो फिर अचानक क्रिकेट मैच क्यों?” उन्होंने संसद में भी यह मुद्दा उठाया और केंद्र की नीति पर सवाल खड़े किए।
सरकार का जवाब – ICC नियमों का हवाला
इधर, भाजपा सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि “भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज नहीं होती और आगे भी नहीं होगी। लेकिन ACC और ICC टूर्नामेंट्स में खेलना मजबूरी है। अगर भारत नहीं खेलेगा तो वॉकओवर मिलेगा और अंक पाकिस्तान को मिल जाएंगे।”
माहौल गरम, निगाहें 14 सितंबर पर
भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर सियासी घमासान के बीच माहौल गरम है। विपक्ष इसे सरकार की “कमजोर कूटनीति” बता रहा है, जबकि सरकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला दे रही है। अब सबकी निगाहें 14 सितंबर को दुबई में होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच पर टिकी हैं, जो सिर्फ क्रिकेट का नहीं बल्कि भारत-पाक रिश्तों की मौजूदा स्थिति का भी इम्तिहान माना जा रहा है।
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