भारत-ईयू ट्रेड डील से क्या होगा सस्ता? कार, दवाएं, वाइन से लेकर मेडिकल इक्युपमेंट्स तक बड़ी राहत

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CENTRAL NEWS DESK: भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद आयात शुल्क में भारी कटौती, प्रीमियम कार बाजार से लेकर अस्पतालों तक पड़ेगा सीधा असर

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए नए व्यापार समझौते की विस्तृत जानकारी सामने आ गई है। इस समझौते के तहत आने वाले वर्षों में भारत में आयात होने वाले कई यूरोपीय उत्पाद सस्ते हो सकते हैं। इनमें कार, दवाएं, वाइन, बीयर और मेडिकल उपकरण जैसे सेक्टर शामिल हैं।

यूरोपीय कारों पर सबसे बड़ा असर

इस समझौते की सबसे बड़ी घोषणा ऑटो सेक्टर को लेकर है। भारत चरणबद्ध तरीके से यूरोपीय कारों पर लगने वाला आयात शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत करेगा, जो फिलहाल प्रभावी रूप से करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।
हालांकि, इस दौरान हर साल ढाई लाख गाड़ियों की सीमा लागू रहेगी। यूरोपीय संघ का दावा है कि इससे भारत का प्रीमियम कार बाजार पूरी तरह बदल सकता है।

मशीनरी, केमिकल और दवाएं होंगी सस्ती

इस समझौते के तहत भारत में आने वाले 90 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय सामानों पर टैक्स या तो पूरी तरह खत्म होगा या काफी घटेगा। मशीनरी पर लगने वाला ऊंचा शुल्क घटेगा, केमिकल उत्पादों पर टैक्स खत्म होगा और दवाओं पर लगने वाले शुल्क में भी बड़ी कटौती की जाएगी। यूरोपीय संघ को उम्मीद है कि इससे 2032 तक भारत में उसका निर्यात दोगुना हो जाएगा और हर साल अरबों यूरो की ड्यूटी बचेगी।

फ्लाइट्स और मेडिकल उपकरण को बड़ी राहत

विमान और अंतरिक्ष से जुड़े उत्पादों पर लगभग पूरी तरह टैक्स हटा दिया जाएगा। वहीं मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के अधिकांश उत्पादों पर शुल्क शून्य होने से भारत में अस्पतालों और जांच सेवाओं की लागत कम हो सकती है।

वाइन और बीयर भी होंगे सस्ते

यूरोपीय वाइन पर आयात शुल्क घटाकर 20 से 30 प्रतिशत किया जाएगा। स्पिरिट्स पर 40 प्रतिशत और बीयर पर 50 प्रतिशत शुल्क तय किया गया है। इसके अलावा जैतून के तेल, मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर भी टैक्स घटाया या पूरी तरह खत्म किया जाएगा।

सर्विस सेक्टर और जलवायु सहयोग

इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ को भारत के वित्तीय और समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में विशेष पहुंच मिलेगी। साथ ही अगले दो वर्षों में यूरोपीय संघ भारत को ग्रीनहाउस गैस कम करने और पर्यावरण अनुकूल निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़ी वित्तीय सहायता देगा।

यूरोप भी घटाएगा भारत पर टैक्स

यूरोपीय संघ सात साल की अवधि में भारत से आने वाले लगभग सभी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा या खत्म करेगा। इसमें समुद्री उत्पाद, चमड़ा, कपड़ा, रसायन, रबर, धातु और आभूषण शामिल हैं।

भारतीय उद्योग के लिए चुनौती

जहां एक तरफ उपभोक्ताओं को सस्ती कारें, दवाएं और मेडिकल उपकरण मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर भारतीय ऑटो, मशीनरी, केमिकल और मेडिकल डिवाइस उद्योग के लिए यूरोपीय कंपनियों से मुकाबला और कड़ा हो सकता है।

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