हमास ने ट्रंप के ‘गाज़ा प्लान’ को दी मंजूरी, सभी इज़रायली बंधकों की रिहाई पर तैयार — मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद

0
trump

मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। फ़िलिस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश किए गए तथाकथित ‘गाज़ा प्लान’ को मंजूरी दे दी है। साथ ही, हमास ने इस समझौते के तहत सभी इज़रायली बंधकों की रिहाई पर भी सहमति जता दी है। यह कदम क्षेत्र में जारी हिंसा और मानवीय संकट को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।


क्या है ट्रंप का ‘गाज़ा प्लान’?

‘गाज़ा प्लान’ ट्रंप प्रशासन की वह पहल है, जिसके तहत गाज़ा पट्टी में स्थायी संघर्षविराम, मानवीय सहायता और सीमित राजनीतिक पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया है। योजना में गाज़ा में असैन्य क्षेत्र बनाने, संयुक्त अरब देशों की निगरानी में मानवीय गलियारा स्थापित करने और पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय फंड गठित करने की बात कही गई है।
इस प्लान का मुख्य उद्देश्य हमास और इज़रायल के बीच विश्वास बहाली और बंधक संकट के समाधान को प्राथमिकता देना है।


हमास की सहमति से बदला समीकरण

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमास ने ट्रंप के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा है कि वह “अंतरराष्ट्रीय निगरानी में शांति प्रक्रिया” शुरू करने को तैयार है। इसके तहत गाज़ा में फायरबंदी की घोषणा की जाएगी और 200 से अधिक इज़रायली नागरिक बंधकों को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जाएगा।

हमास के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा,

“हम इस योजना को क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम मानते हैं। हमारी प्राथमिकता अब गाज़ा के पुनर्निर्माण और फिलिस्तीनी जनता की सुरक्षा है।”


इज़रायल और अमेरिका की प्रतिक्रिया

वॉशिंगटन से मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा —

“यह ऐतिहासिक अवसर है, जो दशकों से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में नया अध्याय खोल सकता है।”

इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा है कि “हम प्रस्ताव का अध्ययन कर रहे हैं और शर्तों को देखकर अगला कदम तय करेंगे।”
हालांकि इज़रायल ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा मामलों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।


संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने भी जताई राहत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस समझौते को “शांति का स्वागत योग्य संकेत” बताया, वहीं यूरोपीय संघ ने इसे “मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में सबसे सकारात्मक विकास” कहा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने कहा है कि जैसे ही फायरबंदी लागू होती है, गाज़ा में राहत सामग्री भेजी जाएगी।


गाज़ा में राहत की उम्मीदें, लेकिन सावधानी बरकरार

गाज़ा के आम नागरिकों ने इस खबर पर राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह समझौता सच में लागू होता है, तो महीनों से जारी बमबारी और ब्लॉकेड से जूझ रहे इलाकों में जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो सकेगा।
हालांकि क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह “शांति की शुरुआत” भर है — असली परीक्षा तब होगी जब दोनों पक्ष इस समझौते को मैदान पर ईमानदारी से लागू करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *