दरभंगा में ‘बाइक कांड’, लालू राज का ‘पटना शो रूम कांड’ फिर सुर्खियों में
Bihar News Desk; राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। आरोप है कि रैली में सुरक्षा में तैनात एक एसपीजी कमांडो ने एक युवक की पल्सर बाइक ले ली और उसे अब तक वापस नहीं किया। युवक और उसका परिवार लगातार पुलिस-प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खास बात यह है कि घटना के दौरान रैली में “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाए जा रहे थे, जिससे यह घटना सियासी तंज का विषय बन गई है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
बीजेपी ने इस घटना को महागठबंधन पर हमला बोलने का मौका बताया और कहा कि यह वही मानसिकता है जो “जंगलराज” में देखने को मिलती थी। वहीं आरजेडी ने इसे महागठबंधन के खिलाफ साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी अफवाह फैलाकर यात्रा को बदनाम करना चाहती है।

जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
दरभंगा की जनता इस घटना से हैरान है। कई लोग इसे लालू राज के दौर की अराजकता से जोड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तूल पकड़ चुका है और लोग इसे “जंगलराज की वापसी” बता रहे हैं।
पटना का 2002 का ‘शोरूम कांड’ याद आया
यह घटना लोगों को 2002 के पटना शो रूम कांड की याद दिला रही है। उस समय राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं और लालू यादव का दबदबा चरम पर था। आरोप था कि लालू की बेटी रोहिणी आचार्य की शादी के लिए पटना के कई शोरूमों से लगभग 45 नई गाड़ियां जबरदस्ती उठा ली गई थीं। मिथिला मोटर्स, कार्लो ऑटोमोबाइल्स, गिन्नी मोटर्स सहित कई शोरूम से कारें बिना अनुमति ले जाई गईं और पुलिसकर्मियों ने खुद पेट्रोल भरवाने तक में मदद की थी। कई गाड़ियां कभी वापस नहीं लौटीं।
लालू राज और ‘जंगलराज’ की छवि
1990 से 2005 तक लालू यादव और राबड़ी देवी के शासन को जंगलराज कहा गया। उस दौर में अपराध, भ्रष्टाचार और बाहुबलियों के दबदबे ने बिहार की छवि खराब की। पटना शोरूम कांड उस दौर का प्रतीक माना जाता है। अब दरभंगा की बाइक चोरी की घटना को उसी अराजकता से जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच जारी, सवाल बरकरार
स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है, लेकिन अब तक बाइक बरामद नहीं हुई। घटना ने राहुल गांधी की यात्रा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोधियों का कहना है कि “वोट चोरी” के नारे और “बाइक चोरी” की घटना ने यात्रा की विश्वसनीयता पर चोट पहुंचाई है।
यह पूरा मामला अब बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बन चुका है, जहां एक साधारण बाइक विवाद ने जंगलराज बनाम सुशासन की बहस को फिर से हवा दे दी है।
news Journalist
