धराली में बादल फटा, सेना और एयरफोर्स जुटी राहत-बचाव में, Mi-17V5, चिनूक, ALH और चीता हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर
Uttarakhand News Desk:उत्तराखंड के धराली गांव (हर्षिल के पास) में मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तेजी से आया पानी और मलबा गांव में घुस गया, जिससे कई घर चपेट में आ गए। सिर्फ 10 मिनट में सेना राहत बचाव कार्य में जुट गई और अब तक 20 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। कई लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
सेना और वायुसेना ने संभाला मोर्चा
घटना स्थल आर्मी कैंप से महज 4 किलोमीटर दूर है, जिससे फौज तुरंत हरकत में आ गई। 150 से ज्यादा सैनिक राहत और बचाव में जुटे हैं। एंबुलेंस और मेडिकल टीमें मौके पर हैं। भारतीय वायुसेना भी ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन खराब मौसम के कारण अभी हवाई अभियान शुरू नहीं हो सका है।
सरसावा, बरेली और चंडीगढ़ एयरबेस से वायुसेना के हेलिकॉप्टरों को धराली के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

राहत बचाव के लिए तैयार वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की ताकत
Mi-17V5 हेलिकॉप्टर
दुनिया के सबसे भरोसेमंद मीडियम लिफ्ट हेलिकॉप्टर में से एक
भारतीय वायुसेना के पास 140+ यूनिट
4,000 किलोग्राम का पेलोड ले जाने में सक्षम
24 यात्रियों को एकसाथ ला-ले जा सकता है
एडवांस एवियोनिक्स और नाइट विजन सिस्टम से लैस
केदारनाथ और कश्मीर बाढ़ जैसे हर बड़े ऑपरेशन में शामिल
चिनूक (Chinook) हेलिकॉप्टर
अमेरिकी बोइंग कंपनी से लिया गया हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर
एक बार में 10-12 टन तक भार ले जा सकता है
हिमालय के ऊंचे दुर्गम इलाकों में ऑपरेट करने में सक्षम
दो रोटर सिस्टम से बेहतर स्थिरता
ट्रूप मूवमेंट, हथियार ट्रांसपोर्ट और राहत कार्यों में बेहद उपयोगी
ALH (ध्रुव हेलिकॉप्टर)
पूरी तरह स्वदेशी और हर मौसम में सक्षम
हाई एल्टिट्यूड (15,000 फीट+) और समुद्र के ऊपर उड़ान में सक्षम
रात्रि में भी ऑपरेशन में सक्षम
थल सेना के पास 145, वायुसेना के पास 70, नौसेना के पास 18 ALH
HAL द्वारा बनाए गए आधुनिक MK-3 और MK-4 रुद्र संस्करण भी सेना में
चीता हेलिकॉप्टर
सियाचिन जैसे दुर्गम और ऊंचे क्षेत्रों में भी उड़ने में सक्षम
सियाचिन की लाइफलाइन कहा जाता है
एक पायलट और 3-4 लोगों को ले जा सकता है
कैजुअल्टी इवैक्यूएशन और रेकी मिशन के लिए आदर्श
जल्द ही इन्हें स्वदेशी LUH (लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर) से बदला जाएगा
लोग मुश्किल में, सेना बनी सहारा
धराली गांव के लोग इस आपदा से सकते में हैं। पानी और मलबा अचानक घरों में घुसा, लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। राहत की बात यह है कि सेना ने बिना देर किए राहत अभियान शुरू कर दिया। फिलहाल मौसम की मार ने एयर ऑपरेशन को रोके रखा है, लेकिन जैसे ही मौसम सुधरेगा, चिनूक, Mi-17V5, ALH और चीता हेलिकॉप्टरों के जरिए राहत का दायरा और तेज किया जाएगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
