बॉन्डी बीच पर खून की होली: हनुक्का उत्सव में आतंकी हमला
नेतन्याहू बोले– 4 महीने पहले ही ऑस्ट्रेलिया को किया था आगाह
CENTRAL NEWS DESK: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार शाम हनुक्का के पहले दिन खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। “चानुका बाय द सी” कार्यक्रम के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के वक्त बीच पर करीब 2000 लोग मौजूद थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे।
40 से 50 राउंड फायरिंग, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो हमलावर काले कपड़ों में अचानक भीड़ के बीच दाखिल हुए और राइफल या शॉटगन से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। लोगों ने शुरुआत में इसे आतिशबाजी समझा, लेकिन जब लोग गिरने लगे, तब भगदड़ मच गई। बीच, सड़कें और कैंपबेल परेड इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा।
नेतन्याहू का बड़ा दावा
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डिमोना में एक सरकारी बैठक के दौरान बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 17 अगस्त को ही ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस को एक चिट्ठी लिखकर आगाह कर दिया था. नेतन्याहू ने कहा, “लगभग 4 महीने पहले, मैंने पत्र में चेतावनी दी थी कि आपकी सरकार की नीतियां ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दे रही हैं और प्रोत्साहित कर रही हैं. सिडनी में हुए हालिया हमले के बाद नेतन्याहू का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, जो दर्शाता है कि इजरायल ने खतरे को पहले ही भांप लिया था.
“मैंने चार महीने पहले ही आगाह किया था कि यहूदी-विरोध को अनदेखा करना घातक साबित होगा। आज वही चेतावनी सच साबित हो गई।”
फिलिस्तीन समर्थन पर उठे सवाल
इजरायली मंत्रियों ने इस हमले को ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने से जोड़ते हुए कहा कि इससे कट्टरपंथी ताकतों को नैतिक समर्थन मिला। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने यहां तक कहा कि “मारे गए लोगों का खून ऑस्ट्रेलियाई सरकार के हाथों पर है।”
पुलिस कार्रवाई और जांच
न्यू साउथ वेल्स पुलिस के मुताबिक, एक हमलावर को मौके पर ही ढेर कर दिया गया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच आतंकवाद के एंगल से की जा रही है।
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