पीएम मोदी की मां पर टिप्पणी ने बदला बिहार का चुनावी एजेंडा!

1
theheadlinetoday

News Desk: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की एक बड़ी गलती अब पूरे चुनावी नैरेटिव को बदलती दिख रही है। दरभंगा में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है। बीजेपी इस मुद्दे को पूरी ताकत से भुनाने में लगी है और चुनावी एजेंडे को अपने पक्ष में मोड़ रही है।

बीजेपी को मिला बड़ा भावनात्मक मुद्दा

भारत में मां को देवी का स्थान दिया जाता है। ऐसे में किसी भी नेता की मां पर टिप्पणी सीधे जनता की भावनाओं को छूती है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने खुद इस पर भावुक बयान दिया— “मैं व्यक्तिगत तौर पर उन्हें माफ कर सकता हूं, लेकिन बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
बीजेपी का इरादा साफ है— इस मुद्दे को बिहार चुनाव तक गूंजाया जाएगा। एनडीए की महिला इकाई ने 4 सितंबर को बिहार बंद का आह्वान कर दिया है।

कांग्रेस की पुरानी गलतियों की याद

कांग्रेस के इतिहास में पहले भी कई बार ऐसे बयान पार्टी पर भारी पड़े हैं:
2007: सोनिया गांधी का “मौत का सौदागर” बयान – बीजेपी को गुजरात में शानदार जीत मिली।
2014: मणिशंकर अय्यर का “चायवाला” तंज – मोदी लहर का जन्म हुआ।
2017: अय्यर का “नीच” बयान – कांग्रेस गुजरात चुनाव हार गई।
2019: राहुल गांधी का “चौकीदार चोर है” नारा – बीजेपी ने इसे “मैं भी चौकीदार” बनाकर पलटवार किया और प्रचंड बहुमत पाया।
अब 2025 बिहार चुनाव में कांग्रेस की यह नई गलती उसी कड़ी का हिस्सा बन सकती है।

राहुल गांधी की मेहनत पर पानी?

राहुल गांधी ने बिहार में युवाओं और मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर ‘वोटर अधिकार यात्रा’ चलाई। भीड़ भी जुटी और युवाओं में उत्साह दिखा। लेकिन दरभंगा की घटना ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेरने का काम कर दिया है।

बीजेपी इस पूरे मुद्दे को बार-बार दोहराकर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल रही है। अब चुनावी विमर्श विकास, बेरोजगारी या वोटर लिस्ट से हटकर पूरी तरह भावनात्मक राजनीति की ओर मुड़ता दिख रहा है।

हिमाचल का सबक और बिहार की चुनौती

हिमाचल प्रदेश चुनाव में कांग्रेस ने ऐसी गलती से खुद को बचा लिया था और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की। लेकिन बिहार में हालात अलग हैं। यहां कांग्रेस और राजद के मंच से हुई टिप्पणी अब एनडीए को नया हथियार थमा चुकी है।

आगे की रणनीति

बीजेपी की कोर कमिटी की बैठक में यह मुद्दा और गरमाने की रणनीति तय होगी। एनडीए इसे “हर मां का अपमान” बनाकर जनता के बीच ले जा रही है।

महिला विंग सड़क पर उतरी है ।

बंद का आह्वान किया गया है।

पीएम मोदी खुद इस भावनात्मक मुद्दे को बार-बार रैलियों में उठाएंगे।

‘द हेडलाइन टुडे’ के विश्लेषण से

बिहार चुनाव अब सिर्फ नीतियों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा। “पीएम मोदी की मां का अपमान” आने वाले हफ्तों में सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है।
कांग्रेस ने अपनी ही मेहनत से कमाया राजनीतिक फायदा, एक गलत टिप्पणी से गवां दिया है।
बीजेपी के लिए यह वही स्थिति है जो “मौत का सौदागर” या “चायवाला” बयान के वक्त बनी थी।
भावनाओं की राजनीति बिहार में कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ाने वाली है।

1 thought on “पीएम मोदी की मां पर टिप्पणी ने बदला बिहार का चुनावी एजेंडा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *