बिहार चुनाव 2025: JMM की एंट्री से बदलेगा समीकरण, 12 सीटों पर दावा, 7-8 मिल सकती हैं
Bihar News Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की एंट्री ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी अब बिहार में सीमावर्ती और आदिवासी बहुल इलाकों से अपनी किस्मत आजमाने को तैयार है। शनिवार को पटना में तेजस्वी यादव के घर पर हुई बैठक में JMM के महागठबंधन में शामिल होने का ऐलान हुआ।

12 सीटों पर दावा, 7-8 मिलने की उम्मीद
JMM ने गठबंधन में 12 सीटों पर दावा किया है। हालांकि सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम फैसला बाकी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पार्टी को 7-8 सीटें मिल सकती हैं। JMM चाहती है कि उसे कम सीटें भले मिलें, लेकिन वे ऐसी हों जहां उसका सीधा प्रभाव हो।
किन सीटों पर फोकस है JMM का?
JMM जिन सीटों को लेकर सबसे ज्यादा सक्रिय है, उनमें –
- बांका
- कटोरिया
- चकाई
- तारापुर
- पूर्णिया
- धमदाहा
इनमें से ज्यादातर सीटें बिहार-झारखंड बॉर्डर से लगी हुई हैं और यहां आदिवासी एवं सीमावर्ती वोट बैंक JMM के पक्ष में माना जाता है।
क्यों अहम है JMM की मौजूदगी?
JMM का प्रभाव बिहार के उन इलाकों में है जो झारखंड की सीमा से जुड़े हैं। यहां आदिवासी मतदाता और सामाजिक समीकरण महागठबंधन के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि JMM का महागठबंधन में आना RJD और कांग्रेस के वोट बैंक में इजाफा करेगा और एनडीए को चुनौती मजबूत होगी।
बिहार में JMM का पिछला प्रदर्शन
बिहार की राजनीति में JMM की जड़ें बहुत गहरी नहीं रही हैं। 2010 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को चकाई सीट पर जीत जरूर मिली थी, लेकिन 2015 में JMM 32 सीटों पर उतरी और सभी जगह जमानत जब्त हो गई। यही वजह है कि इस बार पार्टी गठबंधन के सहारे मैदान में है।
झारखंड में JMM-RJD का समीकरण
पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM ने RJD को 6 सीटें दी थीं, जिनमें से 4 पर RJD ने जीत दर्ज की। यही समीकरण अब बिहार में उलट गया है। यहां RJD ‘बड़े भाई’ की भूमिका में है, जबकि JMM छोटे सहयोगी के तौर पर सीटें मांग रही है।
चुनावी असर
JMM का महागठबंधन में शामिल होना आदिवासी और सीमावर्ती राजनीति में बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी जहां सीमित सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहेगी, वहीं महागठबंधन को उम्मीद है कि इससे विपक्षी वोटों का और ज्यादा ध्रुवीकरण होगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
